भारत अब दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा विमानन बाजार

पिछले चार वर्षों में भारत के विमानन क्षेत्र में महत्‍वपूर्ण प्रगति हुई है । भारत अब दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा विमानन बाजार बन गया है । एनडीए सरकार ने प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के नेतृत्‍व में नये हवाई अड्डे तथा नये हवाई मार्ग शुरू करने और यात्रियों की सुख-सुविधा तथा सुरक्षा सुनिश्चित करने में सफलता हासिल की है । महत्‍वाकांक्षी क्षेत्रीय संपर्क योजना-उड़ान के अंतर्गत प्रति घंटा हवाई यात्रा के लिए केवल ढाई हजार रूपये का भुगतान करना होता है । अधिकतर एयरलाइंस में उड़ान योजना के लिए एक निश्चित संख्‍या में सीटें आरक्षित होती हैं ।

पिछले दो सालों से लगातार घरेलू विमान यात्रियों की 20 प्रतिशत से भी अधिक वृद्धि दर्ज हुई है । 2017 में एसी रेल से अधिक लोगों ने हवाई जहाज में सफर किया। इस प्रगति में राष्ट्रीय नागर विमानन नीति 2016 और क्षेत्रीय कनेक्‍टिविटी योजना उड़ान का सबसे बड़ा योगदान है। उड़ान का उद्देश्‍य है उड़े देश का आम नागरिक और इसके अंतर्गत देश के दूर-दराज और छोटे शहरों को मेट्रो शहरों से जोड़ा जा रहा है। अपने नाम के मुताबिक यह योजना नए भारत के सपनों और अपेक्षाओं को एक नई उड़ान दे रही है।