देश की एक्‍ट-ईस्‍ट नीति के तहत दक्षिण पूर्व एशिया के साथ भारत के संबंधों को मिला विस्‍तार

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी, इंडोनेशिया, मलेशिया और सिंगापुर की सफल यात्रा के बाद आज शाम नई दिल्‍ली लौट आए हैं। पांच दिन की अपनी यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री ने इन देशों के शीर्ष नेताओं के साथ शिष्‍टमंडल स्‍तर की उच्‍च स्‍तरीय वार्तायें कीं। इस अवसर पर भारत की एक्‍ट ईस्‍ट नीति को बढ़ावा देने वाले कई द्विपक्षीय समझौतों पर हस्‍ताक्षर किये।

अपनी यात्रा के अंतिम चरण में आज सिंगापुर में श्री मोदी ने अमरीकी रक्षा मंत्री जेम्‍स मैटिस से मुलाकात की और सुरक्षा संबंधी तथा अन्‍य पारस्‍परिक और वैश्विक हित के मुद्दों पर चर्चा की। प्रधानमंत्री ने कल वार्षिक शांग्री-ला वार्ता को संबोधित किया। इससे पहले, आज दिन में प्रधानमंत्री क्लिफोर्ड पायर गये। उन्‍होंने वहां एक पट्टिका का अनावरण किया, जो 1948 में इसी स्‍थान पर महात्‍मा गांधी के पार्थिव अवशेषों को समुद्र में विसर्जित किये जाने की स्‍मृति में लगाई गई है। बाद में एक ट्वीट संदेश में श्री मोदी ने कहा कि भारत और सिंगापुर न सिर्फ जमीन पर बल्कि समु्द्र में भी सहयोग कर रहे हैं।

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी की इंडोनेशिया, मलेशिया और सिंगापुर यात्रा से देश की एक्‍ट-ईस्‍ट नीति के तहत दक्षिण पूर्व एशिया के साथ भारत के संबंधों को विस्‍तार मिला है। इंडोनेशिया के साथ समग्र रणनीतिक भागीदारी तक संबंध बढ़ाने और सिंगापुर के साथ 2005 के समग्र आर्थिक सहयोग की सफलतापूर्वक द्वितीय समीक्षा से इन देशों के साथ आर्थिक और रणनीतिक भागीदारी को अगले स्‍तर तक ले जाने के भारत के प्रयासों की झलक मिलती है। सिंगापुर में रूपये कार्ड, भीम ऐप और यूनीफाइड पेमेंट इंटरफेस की शुरूआत सरकार के डिजिटल इंडिया कार्यक्रम को और गति प्रदान करेंगी। शांगरीला संवाद में अपने मुख्‍य भाषण में श्री मोदी ने भारत प्रशांत क्षेत्र में दक्षिण पूर्व एशिया को केन्‍द्र में रखा और कहा कि क्षेत्र में स्थिरता के लिए इन देशों में एकता जरूरी है। प्रधानमंत्री द्वारा अंतर्राष्‍ट्रीय नियमों के तहत सभी क्षेत्रीय विवादों की अपील, पूरी दुनिया विशेषकर भारत प्रशांत क्षेत्र में शांति और सौहार्द बनाये रखने की भारत की प्रतिबद्धता को दोहराती है।