राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और आसपास के क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता सूचकांक की स्थिति को देखते हुए, वायु-प्रदूषण की रोकथाम के उपाय सख्ती से लागू करने के लिए निर्देश जारी किए गए हैं। ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान- जी.आर.ए.पी. के प्रथम चरण के तहत केन्द्रीय वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने ये निर्देश दिए हैं।
आयोग ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र-एन.सी.आर. और आसपास के क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए किए जाने वाले उपायों में सहयोग के लिए नागरिकों से भी आग्रह किया है। वायु की गुणवत्ता दोबारा ख़राब श्रेणी में पहुंच गई है, ऐसे में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान- जी.आर.ए.पी. के पहले चरण के अंतर्गत सभी सम्बद्ध पक्षों को और कड़े उपाय करने होंगे।
वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग, एन.सी.आर. और आसपास के क्षेत्र में मानकों के अनुरूप वायु गुणवत्ता की कड़ी निगरानी कर रहा है और प्रदूषण की रोकथाम के लिए किए उपायों की भी समीक्षा कर रहा है। पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने एक वक्तव्य में यह जानकारी देते हुए कहा है कि समूचे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में पांच अक्तूबर से जी.आर.ए.पी. के प्रथम चरण के तहत एक 24 सूत्रीय कार्य योजना पहले ही लागू है।
कार्य योजना के तहत पांच सौ वर्ग मीटर अथवा उससे अधिक आकार के ऐसे प्लॉट पर निर्माण या तोड़फोड़ की कार्रवाई बंद करने का निर्देश है, जो एन.सी.आर. में शामिल राज्य सरकारों की वेबसाइट पर पंजीकृत नहीं हैं। कार्य योजना में निर्माण और तोड़फोड़ से उत्पन्न कचरे, धूल और ध्वनि प्रदूषण का उचित प्रबंधन और क्रियान्वयन भी शामिल है।