- बेटी के लिए ‘परफेक्ट मैन’, बेटे के लिए ‘सुपरमैन’, पत्नी के लिए ‘ही-मैन’ और मां के ‘जेंटलमैन’ ‘पुरुष’ है।
- बच्चों, पत्नी, मां-बाप, परिवार के लिए सामान खरीदने के बाद बचे हुए पैसों से अपना सामान खरीदने वाला ‘पुरुष’ है।
- अपने दुखों, कष्टों, परेशानियों, आंसुओं को अपने अंदर जज्ब कर लेने वाला ‘पुरुष’ है।
- बहन, बेटी की विदाई के समय सामान्य रहने की एक्टिंग करने वाला और फिर छुपकर घंटों रोने वाला ‘पुरुष’ है।
- बिटिया को जमाने भर से लड़ने की हिम्मत देने वाला, बेटे को मजबूत मर्द बनने की सीख देने वाला, पत्नी को सुरक्षा का विश्वास दिलाने वाला और मां -बाप के बुढ़ापे की लाठी ‘पुरुष’ है।
- अपनी प्रियतमा के हाथों को कोमल, नाजुक बनाए रखने के लिए अपने हाथों को खुरदरा कर लेने वाला, उन पर कालिख लगने से न डरने वाला ‘पुरुष’ है।
- बॉस की डांट, ऑफिस की तमाम टेंशन घर के दरवाजे के बाहर छोड़कर बच्चों के सामने मुस्कुराते हुए आने वाला ‘पुरुष’ है।
- अपने मां-बाप, भाई- बहन,बुआ-फूफा, मौसी-मौसा, मामा-मामी, सास-ससुर, साला- साली, समाज और देश की चिंता करने वाला ‘पुरुष’ है।
- शत्रु के समक्ष काल बन जाने वाला, बच्चों पर वात्सल्य लुटाने वाला, प्रियतमा पर प्रेम बरसाने वाला और मां-बाप के सामने बच्चा बन जाने वाला ‘पुरुष’ है ।
- विवाह के बाद मां-बाप और पत्नी के बीच कठिन संतुलन साधने वाला ‘पुरुष’ है।
- पलकें भीगी होने पर भी मुस्कुराने का जादू करने वाला ‘पुरुष’ है।
- परिवार, समाज और देश का विश्वास तथा रक्षा कवच ‘पुरुष’ है।
भारतीय क्रिकेट की ‘पुरूष टीम’ को आईसीसी विश्व कप जीतने की अग्रिम शुभकामनाओं के साथ विश्व के समस्त नागरिकों को ‘अंतरराष्ट्रीय पुरुष दिवस’ की कोटि कोटि बधाई।
(आशा विनय सिंह बैस)