संडीला, हरदोई। देशव्यापी किसान आंदोलन के समर्थन में सोमवार को संडीला तहसील पर एक पंचायत का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में जन आंदोलनों की राष्ट्रीय समन्वय व नर्मदा बचाओ आंदोलन की नेता मेघा पाटेकर ने किसानों को संबोधित किया।
पाटेकर ने कहा किसान मजदूरों को न्याय मिलना चाहिए। यह भूमि आजादी के कलम कारों के पद चिन्हों की भूमि है। यहां पर सर्वधर्म की पहचान है। वर्तमान सरकार मानवता विरोधी है। किसान, मजदूर विरोधी है। जल, जमीन, जंगल हमसे छीन कर निजी हाथों में बेच रही है। 50 पैसे की लागत में तैयार हमारी भूमि से पानी की बोतल हमें 18 से 20 रुपये में बेच रहे हैं। इस सरकार ने लॉक डाउन के दौरान 20 घंटे में 21 कानून जारी कराएं। देश की आजादी छीन रही है, लेकिन हम आंदोलनकारी आजादी को बचाने के लिए कदम बढ़ा चुके हैं। यह आजादी अधूरी है। इसलिए एक लड़ाई जरूरी है। जात पात को तोड़ना है। गैर बराबरी को खत्म करना है। किसानों की उपज को ढेढ़ गुना सरकार नहीं दे पा रही है, परंतु निजी कंपनियां 100 गुना कम आ रही है। कंपनियों को ठेका दे दिया है। नदी, खेती, पहाड़ सब कुछ कंपनियों के हाथ बेच रहे हैं। जमाखोरी के चलते हम लोग ऊंची दरों में सामान खरीदने को मजबूत होंगे। इस कानून से मंडी व्यवस्था खत्म हो जाएगी। राशन व्यवस्था भी बंद हो जाएगी। किसान के पास न्याय पाने के लिए कोर्ट जाने का रास्ता नहीं होगा। वह केवल एसडीएम के यहां अपील कर सकते है। एसडीएम क्या अडानी, अंबानी के खिलाफ कार्यवाही करने की हिम्मत जुटा पाएंगे। इसलिए हम सब मिलकर गैर बराबरी, जात पात, हिंसा, धर्मांध के खिलाफ लड़ना है। देश को बचाना है।
डॉ० सुनील ने अखिल भारतीय किसान संघर्ष समिति के किसानों को संबोधित करते हुए कहा हमारी खेती छीनकर अडानी, अंबानी को सौंप रहे हैं। सब कुछ निजी हाथों में बेच रहे हैं। पांच रुपये की प्लेटफार्म टिकट 50 रुपये की हो गई। रेलवे स्टेशन पर निजी कंपनियों के आउटलेट होंगे। वर्तमान समय में लड़ाई भारत के संविधान को बचाने के लिए है। यह निर्दई सरकार नागरिकों को कुचलने का कार्य कर रही है।किसानी, गांव, मंडिया न्यूनतम समर्थन मूल्य खत्म कर रही है। किसान मजबूर होकर बाजार में 11सौ रुपए में धान बेचने को मजबूर हैं। सुखबीर प्रदेश अध्यक्ष किसान संगठन ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा सरकार हमें एमएसपी की गारंटी दे। सरकार आंदोलन को कमजोर करने के लिए लोकल ट्रेनें बंद किए हैं।
किसान नेता कमलेश यादव ने कहा हम सब को एकजुटता के साथ लड़ाई लड़ना है। पूरे देश में हाहाकार मचा है। महंगाई चरम पर है। किसानों को खाद मिल नहीं रही है। यह सरकार किसान विरोधी है। कर्नाटक से आए अप्पा साहब परनाल ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा अब समाजवाद लोगों का समय आ गया है। किसान, मजदूरों को आगे आना चाहिए। किसान मजदूर अपने हकों के लिए जाग गये है।
भारतीय किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष राजेश सिंह ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा अधिकार, हक मांगने से नहीं मिलेंगे। इसके लिए हम अन्नदाताओं के बच्चों के भविष्य के लिए संघर्ष करना पड़ेगा। धान खरीद में बिचौलियों के राज को समाप्त करना हैं। आवारा पशुओं की समस्या का मुद्दा रखा।
लोकप्रिय किसान नेता पूनम पंडित ने अपने ओजस्वी भाषण में किसानों में उत्साह भर दिया और कहा जब रोती की बात हो रही हो, तब देश की बेटी कैसे चुप रह सकती है। वर्तमान समय में किसान, युवा, दुखी हैं। हर गली से आवाज उठनी चाहिए। जाति धर्म से ऊपर उठकर हमें सही को सही गलत को गलत कहने की हिम्मत उठानी चाहिए। देश के संविधान को बचाने के लिए सभी लोग एकजुट आह्वान किया। लखीमपुर की दुर्भाग्यपूर्ण घटना की भी सभी ने निंदा की। नगर पालिका अध्यक्ष मोहम्मद रईस ने कहा गंगा जमुनी तहजीब को बचाना है। देश की समस्याओं से मिलकर लड़ना है। कार्यक्रम का संचालन रिचा सिंह ने किया। इस सम्मेलन में पूरे देश के किसान संगठन, सामाजिक कार्यकर्ता, नया विंध्याला तेलंगाना, अप्पासाहेब यरनाल कर्नाटक, लुबना सर्वध हैदराबाद, राजकुमार भारत हरियाणा, नरेश यादव, गौतम बुध नगर कमलेश यादव, ईश्वर चंद्र त्रिपाठी, राकेश चौहान, सोशलिस्ट पार्टी संदीप पांडेय, मुन्नालाल सोशलिस्ट मजदूर सभा, अनिल मिश्रा, अमित मौर्य, अशोक भारतीय, डॉ० सूचित कुमार सहित दूरदराज के सैकड़ों कार्यकर्ता सहित हजारों की संख्या में पुरुष व महिलाओं, किसानों ने भागीदारी की।
रिपोर्ट – पी०डी० गुप्ता