10 दिन बाद भी लखनऊ पुलिस पॉलिटेक्निक छात्रा के हत्यारों का नहीं लगा पायी सुराग,

Lucknow police not get clues in polytecnic girl student murder

लखनऊ– राजधानी के थाना मड़ियांव के घैला इलाके में पॉलिटेक्निक छात्रा संस्कृति राय के हत्यारों का 10 दिन बाद भी कोई सुराग नहीं लगाया जा सका हैं। लखनऊ पुलिस के नाकाम होने के बाद के सीएम योगी ने यूपी एसटीएफ को अब जांच सौंपी दी। फिलहाल रविवार को पुलिस और एफएसएल की टीम ने मौका-ए-वारदात पर पूरे क्राइम सीन का रिक्रिएशन किया है। डेमो गर्ल के जरिए यह जानने की कोशिश की गई है की आखिर संस्कृति राय की हत्या कैसे की गई और वह हाईवे से नीचे खेत में कैसे पहुंच गई। वहीं रविवार को लखनऊ पुलिस की नाकामियों के खिलाफ़ पॉलीटेक्निक की छात्राओं ने विरोध प्रदर्शन कर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की।


पॉलीटेक्निक छात्र-छात्राओं में भारी आक्रोश


लखनऊ पुलिस की नाकामियों के खिलाफ़ पॉलीटेक्निक की छात्रों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की। छात्रों ने बड़ी देर तक रास्ता जाम किया और आगज़नी किया है । यहीं नहीं संस्कृति राय की हत्या के बाद से तमाम पॉलिटेक्निक छात्र-छात्राएं और समाज सेवी कातिल की गिरफ्तारी को लेकर सड़क पर प्रदर्शन कर रहे हैं ।

बीते शनिवार को भी पॉलिटेक्निक छात्रों के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर पुलिस की कार्यवाही पर सवाल खड़े किए थे जिसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस हत्याकांड की जांच यूपी एसटीएफ को सौंप दी है ।
एफएसएल ने माना एक्सीडेंट नहीं हत्या है । मुख्यमंत्री के इस रूख से लखनऊ पुलिस के अधिकारी सकते में हैं और रविवार की सुबह पुलिस की टीम ने एफएसएल की टीम के साथ घटनास्थल पर पूरे क्राइम सीन का रिक्रिएशन किया है।

इस दौरान टीम ने एक डेमो के जरिए यह जानने की कोशिश की है कि आखिर संस्कृति राय हाईवे से नीचे खेत में कैसे पहुंच गई और उसकी हत्या को कैसे अंजाम दिया गया ।
इस रिक्रिएशन के बाद एफएसएल के ज्वाइंट डायरेक्टर जी खान का मानना है की ये एक्सीडेंट नहीं है हत्या है और संस्कृति राय के सिर पर पीछे से वार किया गया है।
कातिल से बचने के लिए संस्कृति राय हाईवे से नीचे गिर गई और अधिक खून बहने से उसकी मौत हो गई। इसके साथ ही टीम ने पीएम रिपोर्ट और तमाम साथियों का भी अवलोकन किया है । एफएसएल की टीम अब पूरी जांच रिपोर्ट फाइनल करने के बाद पुलिस को सौपेगी। वहीं एसपी ट्रांसगोमती हरेंद्र कुमार का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद पुलिस इस जांच को और आगे बढ़ाएगी।

बलिया के भगवानपुर गांव निवासी अधिवक्ता उमेश कुमार राय की बेटी संस्कृति पॉलिटेक्निक की द्वितीय वर्ष की छात्रा थी। उसकी हत्या करके बदमाशों ने शव को मड़ियांव स्थित घैला पुल के पास फेंक दिया था। 22 जून को घटना के समय वह घर के लिए निकली थी, लेकिन रेलवे स्टेशन पहुंचने से पहले ही उसकी हत्या कर दी गई । हत्यारों की गिरफ्तारी न होने से लोगों में रोष है। इसको लेकर शुक्रवार को अधिवक्ता संघ युवा चेतना के सदस्य भी सड़क पर उतर गए।