कछौना (हरदोई) । जनपद हरदोई के कोतवाली कछौना क्षेत्र में एक वृद्ध महिला का शव संदिग्ध परिस्थितियों में घर में पड़ा मिला। मृतका के परिजनों ने गांव के ही कुछ लोग पर हत्या का आरोप लगाया है। पुलिस महिला के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने के बाद मामले की जांच पड़ताल में जुट गई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार कोतवाली कछौना क्षेत्र के ग्राम बालामऊ निवासी मिथिलेश कुमारी (58) पत्नी स्वर्गीय जितेंद्र प्रसाद के दो पुत्रों में से एक नीलेश ने लगभग 15 वर्ष पूर्व आत्महत्या कर ली थी, वहीं दूसरा पुत्र रितेश बीते कुछ माह पूर्व रेप के आरोप में जेल में बंद है। पुत्र के जेल जाने के बाद उसकी बहू भी अपने बच्चों के साथ लखनऊ में रहने लगी। जिसके बाद से वह अपनी सास गंगा देवी व ससुर रामदीन जो रिटायर्ड लेखपाल हैं, के साथ गांव स्थित घर में रह रही थी। शनिवार सुबह घर में उसका शव संदिग्ध अवस्था मे चारपाई पर पड़ा देख परिजनों ने स्थानीय पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुँच कर देखा कि कमरे रखे बक्से खुले और सामान बिखरा पड़ा था। वहीं महिला का शव घर के बरामदे में चारपाई पर पड़ा था और नाक से खून बहने के साथ गले पर काले निशान पड़े हुए थे, जो कुछ और ही इशारा कर रहे थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अनुराग वत्स, अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी अनिल कुमार यादव और क्षेत्राधिकारी उमाशंकर सिंह भी फॉरेंसिक टीम के साथ मौके पर पहुंचे और घटना के संबंध में परिजनों व ग्रामीणों से पूछताछ की।

इस बीच घटना की जानकारी लगते ही लखनऊ में रह रही मृतक महिला की बहू मीरा और अन्य रिश्तेदार भी गांव पहुँचे । परिजनों ने हत्या का अंदेशा जताया है। मृतका की बहू मीरा ने गाँव के ही चार लोग तोता पुत्र श्रीकृष्ण, सुमित पुत्र मुरारी, राजेश पुत्र रामभरोसे, अंकित पुत्र राजेश पर हत्या का आरोप लगाते हुए स्थानीय पुलिस को तहरीर दी है। पुलिस ने महिला के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वहीं मृतका की बहू के द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर आरोपितों के विरुद्ध धारा 302 के तहत हत्या का मामला दर्ज करते हुए मामले की जाँच पड़ताल शुरू कर दी है।
बताया जा रहा है कि जिन लोगों पर महिला की हत्या का आरोप लगाया गया है वह महिला के पुत्र रितेश को कुछ वर्ष पूर्व बलात्कार के मामले में जेल भेजे जाने के मामले से संबंधित हैं। पूरे मामले के संबंध में पुलिस अधीक्षक अनुराग वत्स ने बताया कि घटना की जांच के लिए तीन टीमों का गठन किया गया है। जो घटना से जुड़े सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए साक्ष्य जुटाने में लग गई हैं। पुलिस द्वारा जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा।