नसबंदी के 3 दिन बाद महिला की जिला महिला अस्पताल में मौत, मुआवजे की मांग को लेकर परिजनों ने पोस्ट मॉर्टम न कराने की कही

डीएम के पास पहुंचे परिजन पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा, एसपी ने कहा मामले की जांच के बाद कराएंगे कार्यवाई, मल्लावां इलाके की रहने वाली है महिला

                   हरदोई- महिला जिला अस्पताल में नसबंदी कराने के तीसरे दिन बाद महिला की मौत के बाद परिजनों ने जिला अस्पताल में हंगामा किया और मुआवजा समेत डॉक्टर व उनके स्टाफ पर कार्यवाही की मांग की। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। एसपी विपिन कुमार मिश्र ने बताया कि मामले में जांच के बाद ही कोई कार्यवाई की जाएगी।
                  कोतवाली मल्लावां क्षेत्र के एकघरा निवासी कुसुमा पत्नी राम शंकर का 16 जुलाई को महिला चिकित्सालय में नसबंदी ऑपरेशन किया गया था। यह ऑपरेशन डॉक्टर आनंद विहार द्वारा किया गया था। उसके बाद वह अपने घर अपनी पत्नी को लेकर चला गया था। जैसा कि उसके पति का कहना है कि गबर जाने के बाद ही उसकी पत्नी की तबीयत खराब हुई जिसके बाद वह घर से 19 जुलाई को जिला चिकित्सालय लाया और यहां भर्ती कराया जहां इलाज के दौरान 1 घंटे के बाद उसकी पत्नी की मौत हो गई।
                  कुसुमा के पति का आरोप है कि डॉक्टरों ने ऑपरेशन से लेकर इलाज तक में पहले ही लापरवाही की थी जिसके चलते उसकी मौत हो गई। मामले में मुआवजे की मांग के साथ डॉक्टर अविनाश आनंद और उनके समस्त स्टाफ के विरुद्ध कार्यवाही की मांग को लेकर परिजनों ने शव मर्चरी में रखवा दिया और पोस्टमार्टम करने से मना कर दिया। परिजन मामले को लेकर जिलाधिकारी पुलकित खरे से मिलने पहुंचे लेकिन डीएम वीडियो कांफ्रेंसिंग में थे जिसके चलते नहीं मिल सके। मामला हालांकि पुलिस के पास पहुंच गया तो एएसपी निधि सोनकर ने शहर कोतवाली पुलिस को पोस्टमार्टम कराने के निर्देश दिए जिसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लिया। इस मामले में एसपी विपिन कुमार मिश्र का कहना है कि पोस्टमार्टम कराया जा रहा है जो भी कार्यवाही होगी अमल में लाई जाएगी। वही स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने मामले में मौन साध रखा है।