उच्चतम न्यायालय ने आज केंद्र से कहा है कि वह उपचार में काम आने वाली ऑक्सीजन और आवश्यक दवाओं की आपूर्ति तथा कोविड टीकाकरण से संबंधित मुद्दों पर राष्ट्रीय नीति तैयार करे। देश में वर्तमान गंभीर स्थिति का स्वत: संज्ञान लेते हुए प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति एसए बोबडे की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि वह कोविड महामारी के प्रकोप के दौरान लॉकडाउन लगाने की उच्च न्यायालयों की न्यायिक शक्तियों की जांच करेगी।
इससे पहले, मंगलवार को उच्चतम न्यायालय ने उत्तर प्रदेश के पांच प्रमुख शहरों में लगभग पूर्ण लॉकडाउन या कर्फ्यू लगाने के इलाहाबाद उच्च न्यायालय के आदेश पर रोक लगा दी थी। सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि दिल्ली, बंबई, सिक्किम, मध्यप्रदेश, कलकत्ता और इलाहाबाद उच्च न्यायालय कोविड से संबंधित मुद्दों पर विचार कर रहे हैं, ऐसे में अदालत ने केंद्र को निर्देश दिया कि वह देशव्यापी स्वास्थ्य संकट को लेकर राष्ट्रीय योजना प्रस्तुत करे।
न्यायालय ने कहा कि उच्च न्यायालय सबके हित में अपने अधिकार का उपयोग कर रहे हैं, मगर इससे भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो रही है और संसाधनों को दूसरे कार्यों में लगाया जा रहा है।