मुख्यमंत्री के समक्ष सरकारी आवास पर प्राविधिक शिक्षा विभाग (डिप्लोमा सेक्टर) द्वारा एआईसीटीई विनियम-2019 के लागू होने के उपरान्त अनुदानित पॉलीटेक्निक संस्थाओं की विनियमावली में प्रस्तावित संशोधन तथा फार्मेसी के डिग्री पाठ्यक्रमों के लिए सरकार द्वारा अनापत्ति (NOC) प्रदान करने के संबंध में प्रस्तुतीकरण किया गया।
मुख्यमंत्री आदित्य नाथ योगी ने अवगत कराया गया कि वर्तमान में फार्मा कॉउन्सिल ऑफ़ इंडिया द्वारा वर्ष 2019 में फार्मेसी के नवीन संस्थाओं की स्थापना पर अनुमोदन देने पर 05 वर्ष तक रोक लगाई गई है। पीसीआई द्वारा फार्मेसी की पूर्व से संचालित संस्थाओं में ‘प्रवेश क्षमता में वृद्धि’ एवं ‘नये फार्मेसी पाठ्यक्रम को संचालित’ करने में छूट प्रदान की गई है।
पीसीआई ने अपने 31 दिसम्बर, 2020 के सर्कुलर में यह प्रविधान किया है कि यदि प्रदेश सरकार शासनादेश जारी कर अनापत्ति प्रमाणपत्र की व्यवस्था को समाप्त करती है तो अलग से संस्थाओं को अनापत्ति प्रमाणपत्र निर्गत किए जाने की आवश्यकता नहीं होगी। किसी भी संस्था द्वारा अनापत्ति प्रमाणपत्र के लिए आवेदन करने पर इसका भली-भांति परीक्षण कर समयबद्धता के साथ एनओसी उपलब्ध कराने के साथ ऑनलाइन उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी की जाए ।