राघवेन्द्र कुमार ‘राघव’ :
हरदोई : उन्नाव में पत्रकार कृष्णा तिवारी की पिटाई का मामला तूल पकड़ पाता इससे पहले ही नेता-प्रशासन गठजोड़ ने सीडीओ उन्नाव दिव्यांशु पटेल से माफ़ी मंगवाकर और थप्पड़ के बाद मिठाई खिलाकर मामले का पटाक्षेप कर दिया ।
आज सुबह से ही देश के विभिन्न हिस्सों व शहरों से पत्रकारबन्धु पीड़ित पत्रकार के पक्ष में आवाज़ बलंद करने लगे थे । इसी क्रम में हरदोई के बघौली क्षेत्र में भी स्थानीय पत्रकारदल ने सुधीर अवस्थी परदेसी के नेतृत्व में एक दर्जन से अधिक पत्रकारों ने मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी को सम्बोधित ज्ञापन एसएचओ बघौली सुभाष चन्द्र सरोज को सौंपा । इन पत्रकारों में सोमेन्द्र गुप्त (आज, लखनऊ), जीतेश गुप्त (राष्ट्रीय प्रस्तावना), शिवप्रताप सिंह (तरुणमित्र), आदित्य त्रिपाठी (मानद प्रबन्ध निदेशक, न्यूज़ एजेंसी आईवी24), हशमत अली (जर्नलिस्ट न्यू मीडिया), पवन दीक्षित (वॉयस ऑफ़ लखनऊ), ललित गुप्त (अयोध्या टाइम्स), सुनील सिंह कुशवाहा (प्रशान्ति न्यूज़), देवेन्द्र गुप्त (दैनिक आज), नितिन गुप्त (अयोध्या टाइम्स), अंकुश गुप्त (अयोध्या टाइम्स) आदिक पत्रकारों ने एक स्वर में गुंडा मुख्य विकास अधिकारी के खिलाफ़ कड़ी कार्रवाई की मांग की ।
एक ओर पीड़ित पत्रकार के पक्ष में अन्य ख़बरनवीस गोलबन्द हो रहे थे दूसरी ओर शासन, प्रशासन और राजनीतिज्ञों के मकड़जाल में कृष्णा तिवारी ट्रैप हो रहे थे ।

एक समय था जब अंग्रेजीराज में प्रेस पर सेंसरशिप लगी थी, उस समय पत्रकारों का जो उत्पीड़न होता था; उन्नाव की घटना ने वह बात याद दिला दी । मारपीट के मामले में विचारणीय प्रश्न है कि सीडीओ महोदय ने गुण्डाछाप नेता के साथ मिलकर इस लोकतन्त्र के चतुर्थ स्तम्भ पर वार किया । ऐसा अचानक हुआ या प्रशासन के ऊपर सत्ताधारी दल के प्रेशर के कारण यह घटना घटित हुई; जाँच का विषय है । सीडीओ और नेतावेषी गुण्डे के विरुद्ध यदि कड़ी और बड़ी कार्रवाई न हुई तो यह मनबढ़ नेता और अधिकारियों को पत्रकारों पर हमले को प्रोत्साहित करेगी ।