पंपों पर बिना हेलमेट पहने पहुंचे वाहन स्वामियों को जब पेट्रोल देने से इन्कार कर दिया गया तो उनके चेहरे की हवाइयां उड़ गईं। इसे लेकर कई पंपों पर कर्मचारियों और दुपहिया वाहन चालकों के मध्य खूब चिक-चिक हुई। कर्मचारी पंप पर लगाए गए नो हेलमेट नो पेट्रोल के नोटिस बोर्ड दिखाकर लोगों को समझाते रहे। इस बीच तमाम लोग मजबूरियां गिनाकर पेट्रोल डालने की विनती करते हुए भी नजर आए।
दोपहिया वाहन चालकों के लिए नो हेलमेट नो पेट्रोल के लिए प्रशासन ने 30 अप्रैल तक की समय सीमा तय की थी। शुक्रवार को पेट्रोल पंपों पर प्रशासन के निर्देश लागू कर दिए गए। इस संबंध में जिलाधिकारी के नाम से नोटिस लगाए गए। जिससे कि लोगों को समझाने में आसानी रही। दो पहिया वाहन चालकों को पहले ही नई व्यवस्था से अवगत करा दिया गया था। इसके लिए जागरूकता अभियान भी चलाया गया। इसके बावजूद कई दो पहिया वाहन चालक हेलमेट का प्रयोग नहीं कर रहे थे। शुक्रवार से जिले में नो हेलमेट नो पेट्रोल अभियान शुरू हो गया। सुबह से ही पेट्रोल पंपों पर वाद-विवाद की स्थिति बनना शुरू हो गई। बड़ी संख्या में बिना हेलमेट लगाए लोग दुपहिया वाहन लेकर पंपों पर पहुंच रहे थे। जबकि कर्मचारी ऐसे लोगों को पेट्रोल देने में असमर्थता जता रहे थे। कई लोग निर्देशों को आसानी से मानते हुए लौट रहे थे। तो कुछ लोग बहस कर रहे थे। शहर में कई स्थानों पर स्थित पेट्रोल पंपों पर अधिकांश समय गरमागरमी होती रही। कुछ लोगों ने मजबूरी बताकर बहुत जरूरत की बात कहते हुए पेट्रोल मांगा तो कर्मचारियों ने आगे से ध्यान रखने की हिदायत देते हुए पेट्रोल दे भी दिया।