कलाजगत—
ग्वालियर :- मध्यप्रदेश के ग्वालियर शहर के निवासी भारतीय कलाकार संघ के सुप्रसिद्ध आर्टिस्ट बेताल केन अपनी चित्रकला व टेलीफ़िल्मों, शार्ट मूवी के डायरेक्टर के रूप में जाने जाते हैं। बेताल केन पेंटिंग में नित नये नवाचार करते रहते हैं।

बीके सीरियल द्वारा समाज को एक नया सन्देश देने हेतु हाल ही में उन्होंने महाशिवरात्रि पर्व पर बेटी खुशी शर्मा को शिव रूप में अलंकृत किया। महादेव के रूप में शर्मा ने नृत्य नाटिका के माध्यम से समाज को सन्देश देते हुए बताया कि बेटियां अपनी आत्म रक्षा स्वयं कैसे कर सकती है। बेटी बचाओ बेटों पढ़ाओ व महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में इस अनूठी पहल का कार्य आर्टिस्ट बेताल केन ने किया है। बिटिया खुशी शर्मा नृत्य कला में माहिर है । उनकी माताजी अंजली शर्मा जी भी उनका डांसिंग में पूरा सपॉर्ट करती है।
बेताल केन ने इससे पूर्व भो दवाई की टेबलेट पर अपनी कूँची व विभिन्न रंगों से होली पर्व पर सन्देश देते चित्र उकेरे हैं। उनके चित्रों की बारीकी देखते ही बनती हैं। मध्य्प्रदेश के इस कलाकार ने अपनी पेंटिंग के कारण पूरे देश मे अपनी नई पहचान बनाई है।
आर्टिस्ट बेताल ने बताया कि बचपन से ही वे चित्र बनाते हैं। और नई नई खोज उनके मन मस्तिष्क में चलती रहती है। समाज मे जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से उनके बनाये चित्र लोगों को सत्य के रास्ते पर चलने की प्रेरणा देते हैं।
बेताल केन कई बच्चों को डांसिंग सिंगिंग निशुल्क सीखा चुके हैं। उनकी कक्षाएं कई वर्षों से चल रही है। वे चाहते हैं कि क्षेत्र की प्रतिभाएं आगे बढ़े। वे हर साल विद्यालयों में समर केम्प लगाते हैं जहाँ बच्चों को निःशुल्क डांस, क्राफ्ट, पेंटिंग, मेहन्दी व एरोबिक सिखाते हैं।
इस युवा समाजसेवी आर्टिस्ट ने बिना गुरु के डांसिंग पेंटिंग आर्ट एंड क्राफ्ट सीखी है। इनके पिताजी जवाहरलाल केन ने बताया कि बेताल जिस तरह अपने कार्यों से लोगों का दिल जीत रहा है उससे मुझे उस पर बेहद गर्व महसूस होता है।वो कई बच्चों को निशुल्क पेंटिंग सीखा रहा है यह देखकर मुझे अच्छा लगता है।
आर्ट एंड क्राफ्ट का जादूगर बेताल केन का ग्वालियर में आर्ट स्टूडियो खोलने का सपना है। बेताल अपनी कला से जो कुछ कमाता है उससे गरीब बच्चों की रुचि देखकर उनकी प्रतिभा को निखारता है उन्हें निशुल्क डांसिंग पेंटिंग सीखाता है। बेताल ने बताया कि बचपन से ही रंगों से खेलना और बच्चों को पेंटिंग सिखाने का सपना रहा और आज भी अपने आप किसी से सीखे बिना माता-पिता के आशीर्वाद से स्वयं के प्रयास से आगे बढ़ रहा हूँ।