जनपद के सरकारी चिकित्सालयों में कल से शुरू होगी ओपीडी सेवा

केन्द्रों पर फीवर क्लिनिक व फ्लू कार्नर की होगी स्थापना, लक्षण वाले मरीजों की होगी कोविड की जांच

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. सूर्यमणि त्रिपाठी ने बताया कि सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों (सीएचसी) एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) पर कोविड प्रोटोकॉल के साथ ओपीडी एवं आईपीडी सेवाएँ चार जून से प्रारम्भ की जा रही हैं। इन केन्द्रों पर अलग से फीवर क्लीनिक/फ्लू कार्नर स्थापित किये जायेंगे। कोविड लक्षण युक्त रोगियों की जाँच यहाँ की जाएगी ताकि वह अन्य रोगियों से अलग रहें। इन स्थानों पर लक्षण वाले रोगियों की कोविड की जाँच अनिवार्य रूप से ट्रूनेट या एंटीजेन के माध्यम से सुनिश्चित की जाएगी।

जिस सीएचसी को कोविड अस्पताल के रूप में चिन्हित किया गया है वहां भी नॉन कोविड के ओपीडी एवं आईपीडी सेवाएं शुरू की जाएँगी। इन सीएचसी पर भर्ती कोविड उपचाराधीन को जिले के एल-2 अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया जायेगा एवं सीएचसी को सेनिटाइज कर नॉन कोविड अस्पताल का काम शुरू कर दिया जायेगा।

उन्होने बताया है कि पचास बेड की संडीला सीएचसी जो कोविड अस्पताल हैं वर्तमान में यहाँ पर कोविड का कोई भी मरीज नहीं है। सीएचसी को सेनिटाइज कर नॉन कोविड अपस्ताल में बदल दिया जायेगा। इसके अतिरिक्त सभी प्रसव केन्द्रों पर गर्भवती के प्रसव का कार्य सुचारू रूप से संचालित किया जायेगा तथा उनकी प्रसव पूर्व जांच भी शुरू की जायेंगी। सभी सीएचसी पर पहले जैसे ऑपरेशन एवं सिजेरियन प्रसव भी शुरू कर दिए जायेंगे।

जिला अस्पताल में सर्जिकल ओपीडी शुरू की जाएगी एवं मरीजों के ऑपरेशन भी शुरू हो जायेंगे। ऑपरेशन हेतु मरीज को भर्ती करने से पहले रोगी की ट्रूनेट/आरटीपीसीआर जांच कराई जाएगी। ईएनटी एवं आँख के इलाज के लिए ओपीडी पहले से ही दो घंटे के लिए चल रही है, अब इसे अस्पताल के खुलने के पूरे समय तक चलाया जायेगा। जिला अस्पताल में पोस्ट कोविड सेंटर पहले से ही चलाया जा रहा है, जिनमें फिजिशियन, फिजियोथेरेपिस्ट एवं मानसिक रोग विशेषज्ञ की टीम काम करेगी।