पुलिसिया कार्यवाही के विरोध में ग्रामीणों ने दिया धरना 

-माधौगंज पुलिस पर पीड़ित पर ही एफआईआर दर्ज करने का आरोप 
-कांग्रेसियों ने भी दिया पीड़ितों का साथ 
-प्रशासन को दिया 7 दिन का समय 
-आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं तो होगा आमरण अनशन 

-20 दिन पहले मारपीट के मामले में दर्ज हुई थी रिपोर्ट


           माधौगंज पुलिस पर पीड़ित पर ही मुकदमा दर्ज कर प्रताड़ित करने का आरोप लगाकर पीड़ित के साथ ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट में धरना दिया। धरने को कांग्रेस ने भी अपना समर्थन दिया और मामले में थाना पुलिस पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाकर नारेबाजी कर ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को दिया।
    बतादें कि 2 मई को माधौगंज थाना क्षेत्र के एक गांव में दो पक्षों में विवाद हुआ था जिसके बाद मारपीट की गई थी। इसमें एक पक्ष की तरफ से लड़की के साथ छेड़छाड़ करने के आरोप में एक युवक के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया गया था जबकि एफआईआर में नामजद आरोपी खुशीराम की तहरीर पर दूसरे पक्ष के विरुद्ध मारपीट की धारा में मामला दर्ज किया गया था।
     लेकिन अभी तक इस मामले में किसी भी प्रकार की कोई कार्यवाही नहीं हुई थी जिसको लेकर पीड़ित के साथ ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट में धरना प्रदर्शन किया। इन ग्रामीणों को कांग्रेस के जिलाध्यक्ष डॉक्टर राजीव सिंह का भी नेतृत्व मिला तथा शहर अध्यक्ष शशि भूषण शुक्ला “शोले” भी मौजूद रहे। कांग्रेस अध्यक्ष का आरोप है योगी सरकार में पुलिस लोगों को फंसाने का कार्य कर रही है कानून व्यवस्था पूरी तरीके से फेल है और पुलिस केवल धन कमाने के साधन ढूंढ रही है और अपराधियों को संरक्षण मिल रहा है। कांग्रेसियों ने इस मामले में एक ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को दिया 7 दिन के अंदर कार्यवाही करते हुए मामले के आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं की जाती है तो कलेक्ट्रेट में आमरण अनशन किया जाएगा।