गांधी के सपनों का भारत आओ मिलकर हम बनाएं।
गांव -गांव और ढाणी -ढाणी शिक्षा का दीप जलाएं।।
रामराज्य की कल्पना को आओ मिल साकार बनाएं।
भारत माँ के वीर सिपाही हम इस गुलशन को महकाएँ।।
सत्य अहिंसा के दो सुन्दर हथियारों से जीवन सजाएं।
स्वावलम्बन के नित अभ्यास से हर हुनर को सीख जाएं।।
आत्मबल की कमीं न रखें, हर क्षण को सुन्दर बनाएं।
वसुधा के सुन्दर आंगन में प्रेम की किलकारी गुंजाएँ।।
ग्रामीण विकास की बात करें , और गांव गांव चमकाएं।
झूमें खेत खलिहान सारे , ऐसा कुछ काम कर दिखाएं।।
इंटरनेट की क्रांति का आमजन को फिर लाभ दिलाएं।
खुशहाल रहे हर परिवार देश का रोजगार से जुड़वाए।।
गांधी के उच्च सिद्धांतों को, जीवन मे आत्मसात कराएं।
बापू के सुंदर सपनों का,आओ मिल फिर भारत बनाएं।।
-डॉ. राजेश कुमार शर्मा पुरोहित
भवानीमंडी