शोभायात्रा का एक ‘भयावह सच’ ऐसा भी!..?

● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय

आज जिस भयावह सच के प्रति देश का पुलिस-तन्त्र आँखें मूँदे हुए है, वही सामाजिक समरसता के ताने-बाने को छिन्न-भिन्न करने मे पूरी शक्ति के साथ जुटा हुआ है; परिणामस्वरूप यहाँ दिख रहे ‘भगवाधारी आतंकियों’ के कुकृत्यों से देश का सुख-चैन नष्ट होता जा रहा है।

यहाँ विचारणीय है– शोभायात्रा के समय इन हथियारधारियों को कथित ‘वीडियो-फुटेज’ से दूर क्यों रखा जा रहा है? जितना अपराध मुसलिम-समुदाय के फ़साद करनेवाले गुण्डों का है उतना ही हिन्दू-समुदाय के गुण्डों का भी है। देश का संचालन एकपक्षीय नीति के आधार पर कभी नहीं हो सकता।

इसके लिए सर्वाधिक दोषी वह पुलिस-तन्त्र है, जो गृहमन्त्रालय का संकेतदास-क्रीतदास बना हुआ दिख रहा है।

है किसी के पास उत्तर— हथियारों को लहराते हुए और उन्मादी रूप प्रदर्शित करते हुए, जितने भी भगवाधारी कथित शोभायात्रा मे शामिल थे, उन सभी को पुलिसवालों ने गिरिफ़्तार क्यों नहीं किया है?

(सर्वाधिकार सुरक्षित– आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय, प्रयागराज; १९ अप्रैल, २०२२ ईसवी।)