फरियाद करते-करते थक गया वृद्ध, नहीं नसीब हुई छत

ग्राम प्रधान से लेकर जिला अधिकारी तक लगा चुका गुहार

राहुल मिश्र बघौली

अदम गोंडवी ने लिखा है-

तुम्हारी मेज़ चांदी की, तुम्हारे जाम सोने के, यहाँ जुम्मन के घर में आज भी फूटी रकाबी है।

ये पंक्तियां आज भी हकीकत हैं। फर्क इतना है कि यहां जुम्मन के स्थान पर ग्रामसभा नीभी निवासी वृद्ध दयाशंकर मिश्र पुत्र मुन्ना मिश्र है, जो खुले आसमान के नीचे अपना जीवन यापन करने के लिए मजबूर हैं ।

जानकारी के अनुसार गांव नीभीे निवासी दयाशंकर मिश्र पुत्र मुन्ना की माली हालत अत्यंत खराब है । इनका गांव में कच्चा मकान बना था जो बरसात में पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका है । जिससे इनका परिवार खुले आसमान के नीचे जीवन यापन करने के लिए मजबूर है । वृद्ध दयाशंकर की स्थिति ऐसी नहीं है कि वह अपने लिए कच्चे मकान तक की व्यवस्था कर सकें । जिसकी फरियाद इन्होंने ग्राम प्रधान से लेकर जिलाधिकारी तक पहुंचाई । लेकिन किसी ने भी इनकी फरियाद पर ध्यान देना मुनासिब नहीं समझा । जबकि मौजूदा ग्राम प्रधान पूनम सिंह इसी गांव की निवासिनी हैं और इनका घर ग्राम प्रधान के घर से लगभग सौ मीटर की दूरी पर है । लेकिन एक ही गांव में रहने के बावजूद ग्राम प्रधान पूनम सिंह ने इस ओर कोई ध्यान देना तक मुनासिब नहीं समझा ।

पीड़ित ने जिलाधिकारी की चौखट पर अपने लिए छत की गुहार लगाई, लेकिन किसी भी अधिकारी की निगाहें इस गरीब परिवार तक नहीं पहुंचीं । इस ग्राम सभा में कई परिवार ऐसे हैं जो गरीबी के चलते झुग्गी झोपड़ी में रहने के लिए मजबूर हैं । जबकि योगी सरकार हर गरीब को छत मुहैया कराने की बात कर रही है । ग्राम प्रधान से लेकर जिला स्तर तक का कोई भी अधिकारी इस ओर कोई ध्यान देना ही नहीं चाहता है ।

अब देखने वाली बात यह है कि योगी सरकार का आदेश जमीनी हकीकत के रूप में सामने आएगा या प्रधानों से लेकर जिला स्तर तक के अधिकारी सिर्फ कागजों पर ही सभी गरीबों को छत मुहैया कराते रहेंगे।