कैच द रेन 3.0 अंतर्गत चित्रकला प्रतियोगिता और शैक्षिक एवं प्रोत्साहन कार्यक्रम का आयोजन

हरदोई– नेहरू युवा केंद्र एवं नमामि गंगे के संयुक्त तत्त्वावधान में कैच द रैन 3.0 का आयोजन दयानंद इंटरमीडिएट कॉलेज, सुरसा में किया गया। जिसकी थीम वर्षा जल संचयन, युवा भागीदारी से जनांदोलन है। 

कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में भवानी प्रसाद शर्मा , स्पियरहेड, नमामि गंगे द्वारा युवाओं को जल संरक्षण के तकनीकों के विषय में बताया गया साथ ही नमामि गंगे की टीम और नेहरू युवा केंद्र की टीम के द्वारा ग्राम स्तर पर जल संचयन संबंधी किए गए कार्यों जैसे पुराने कुओं का जीर्णोद्धार, तालाबों की साफ सफाई, सोक सोकपिट निर्माण की चर्चा कर युवाओं को भी  ऐसा करने को प्रेरित किया गया । 

जिला परियोजना अधिकारी नमामि गंगे अश्वनी कुमार मिश्र ने युवाओं को संबोधित करते हुए जल की उपलब्धता के कठिन आंकड़ों के बारे में बताते हुए कहा कि जल है तो कल है, कि मुख्य अवधारणा यही है कि जल बिना जीवन संभव नहीं है। आज मनुष्य जल को दूसरो ग्रहों पर खोजने जा रहे है और प्रयास भी कर रहे किंतु अपने पृथ्वी पर जल के संचयन के तरीकों को नहीं सीखना चाहते, जबकि जल जीवन का मुख्य आधार है। हम सभी को जल संरक्षण के लिए क्या क्या कदम उठाने चाहिए, हमने इसे सीखना ही नही चाहा। युबाओ से आग्रह करते हुए कहा कि जल का उपयोग सिंचाई एवं घरेलू दोनो जगहों पर औचित्यपूर्ण प्रयोग करे, और मानसून के पहले अपने छत को साफ कर ले, और कोई ऐसा बंदोबस्त करे, जिससे छत पर एकत्रित होने वाला जल सीधा भूगर्भ में जाए और पृथ्वी का जल स्तर बढ़ सके।  

लेखा एवं कार्यक्रम पर्यवेक्षक प्रमोद कुमार मिश्र ने युवाओं को बताया कि वर्षा जल संचयन के लिए जल शक्ति मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा कौन कौन से कार्य किए जा रहे है और साथ ही बताया कि सरकार की मदद करके हम सभी स्वयं की मदद कर सकते है। जल संरक्षण, नदी संरक्षण को लेकर सरकार किस प्रकार गंभीरता से काम कर रही है इसे समझना जरूरी है।   

कार्यक्रम का संयोजन राष्ट्रीय युवा स्वयंसेवक मृदुल अवस्थी और आशीष कुमार ने किया। इस मौके पर कैच द रेन 3.0 पर आधारित चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन भी कराया गया। जिला युवा अधिकारी तथा प्रधानाचार्य अखिलेश राजन ने सभी युवाओं को जल शपथ दिलाया एवं विजेताओं को शील्ड एवं प्रमाण पत्र देकर पुरस्कृत किया गया।