“राजभाषा ‘हिन्दी’ को हर स्तर पर प्रोत्साहन मिलना चाहिए”– अमनदीप कौर

प्रयागराज। भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण, नागर विमानन प्रशिक्षण कॉलेज, बमरौली, प्रयागराज की अध्यक्षता मे हिन्दी-पखवाड़ा के अन्तर्गत नागर विमानन प्रशिक्षण कॉलेज, बमरौली, प्रयागराज के कार्यपालक निदेशक एवं प्रधानाचार्य के० वी० एस० एस० हनुमन्त राव की अध्यक्षता मे राजभाषा कार्यान्वयन समिति, प्रयागराज उपक्रम की १३वीँ छमाही समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया, जिसमे नागर विमानन प्रशिक्षण कॉलेज के २३ सार्वजनिक उपक्रम के कार्यालय-प्रमुख एवं राजभाषा-अधिकारियोँ की सहभागिता रही।

आयोजन मे मुख्य अतिथि आयकर-विभाग, प्रयागराज की संयुक्त आयकर-आयुक्त श्रीमती अमनदीप कौर ने कहा– अपनी भाषा ‘अपनी’ ही होती है, इसलिए राजभाषा के रूप मे हिन्दी को हर स्तर पर प्रोत्साहन मिलना ही चाहिए।

प्रधानाचार्य हनुमन्त राव ने कहा– हिन्दी-माध्यम मे काम करना आसान है।

व्याकरणवेत्ता एवं भाषाविज्ञानी आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय ने बताया– आप सब हिन्दी को क्लिष्ट मानकर डरेँ नहीँ। आपको जितनी भी हिन्दी आती हो लिखेँ और जो आस-पास के जानकार होँ, उन्हेँ दिखायेँ; नहीँ तो लिखकर मेरे पास भेजेँ, संशोधित करके लौटा दूँगा, जिससे आप सबको सीखने के प्रति बल मिलेगा। इसी अवसर पर आचार्य ने कार्यान्वयन-क्रियान्वयन, कार्यशाला-कर्मशाला, सर्जन-सृजन-विसर्जन, उपविरामचिह्न, विवरणचिह्न, योजकचिह्न आदिक के उचित-अनुचित व्यवहार को सोदाहरण समझाया। इनके अतिरिक्त अन्य व्याकरणिक नियमो को बताया।

कार्यवाहक महाप्रबन्धक (संचार) टी० के० गुप्ता ने कहा– राजभाषा को उन्नत करने के लिए हिन्दी की समझ आवश्यक है।

हिन्दीसेवी रामनरेश तिवारी ने कहा– आप सबको अपने कर्त्तव्य के प्रति जागरूक रहना होगा। ‘नराकास’ की ओर से जो दायित्व सौँपा जाये, उसका अनुपालन करना होगा।

‘सरस्वती’ पत्रिका के सम्पादक अनुपम परिहार का मानना था– मै शुद्धतावादी हिन्दी का प्रयोग नहीँ मानता। हाई कोर्ट को उच्च न्यायालय और सुप्रीम कोर्ट को सर्वोच्च या उच्चतम न्यायालय कहने की कोई ज़रूरत नहीँ है। सुपरिण्डेण्ट आफ़ पुलिस की हिन्दी नहीँ करनी चाहिए।
इस अवसर पर राजभाषा मे उत्तम कार्य करनेवाले प्रयागराज हवाई अड्डा, पॉवर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ़ इण्डिया, राष्ट्रीय लघु उद्योग निगम लि०, भारतीय जीवन बीमा निगम, भारतीय खाद्य निगम एवं डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर ऑफ़ इण्डिया लिमिटेड-सहित कई कार्यालयोँ को राजभाषा-पुरस्कार के अन्तर्गत शील्ड और प्रमाणपत्र प्रदान किये गये।

प्रबन्धक (राजभाषा) ओमप्रकाश खरवार ने कार्यक्रम का कुशल संचालन किया। आयकर-विभाग, प्रयागराज के सहायक निदेशक (राजभाषा) मकरध्वज मौर्य ने आभार-ज्ञापन किया।