बिलग्राम पुलिस का छापा, दो बदमाश दबोचे 

                  बिलग्राम- इलाके में बीते 2 साल से बदमाशों का  नया गैंग धीरे-धीरे  बड़ा रूप ले रहा था जिसकी सूचना  पुलिस को मिल रही थी । पुलिस ने  अपना नेटवर्क बिछाकर  शनिवार देर रात  छापा मारकर  दो बदमाशों को हथियारों के साथ  गिरफ्तार कर लिया ।
                 कोतवाली पुलिस को दिन को दिन में ही सूचना मिली कि गिरोह बनाये बदमाश मुनेंद्र पुत्र प्रेम सागर यादव , अपने साथियों के साथ गाँव मे चक्कर लगा रहे है।लोगों को धमकाने की का प्लान तैयार कर रहे थे।  जानकारी के मुताबिक रात करीब 11:00 बजे पूरी फोर्स के साथ पुलिस ने छापा मारा । प्रेमसागर के घर में मौजूद चार बदमासो को पुलिस ने घेर लिया। घिरा पाकर  बदमाश मुनेंद्र यादव ने कांस्टेबल पर तमंचा सीधा कर दिया। और पड़ोस के घर मे कूद गया।अन्य तीन भी भागे । जिसमे एक रोहित पुत्र रामबाबू निवासी बैफ़रिया को दबोच लिया।अन्य अन्य अधरे और बारिश का फायदा उठा कर भाग गए। पुलिस को मुनेंद्र यादव रोहित के पास से अभी तमंचे और बड़ी संख्या में कारतूस बरामद किए बताया गया की पुलिस मामले पर पूरे दिन की पड़ताल कर रही है और पूछताछ में जुटी है।

गैंग लीडर फरार

गैंग तैयार करने वाला प्रेमसागर यादव का शातिर बेटा मुनेंद्र के पुलिस के हत्थे चढ़ते ही कई राज खोले है। प्रेमसागर भी फरार हो गया। लोगों की माने तो प्रेम सागर अपनी सरपरस्ती में करीब 2 साल से गैंग को तैयार कर रहा था जिसकी सूचना ग्रामीणों ने पुलिस को दी थी।


 नाटक बाज निकले बाप बेटा

                     सरकार बदलने के बाद जब अपराधियों के सफाई का अभियान चला । तो गैंग लीडर प्रेम सागर ने चोला बदल दिया और वह भाकियू के गुट का  सदस्य बन गया । ताकि वह पुलिस की निगाह से बचा रहे । पूरी प्लानिंग तैयार कर गैंग की कमान अपने शातिर बेटे मुनेंद्र यादव को सौप दी और खुद  उसके बचाव के लिए प्रशासन को गुमराह करने की नीयत से धरना प्रदर्शन करने लगा । जिससे उस की करतूतें छुपी रहे । लेकिन ग्रामीणों की सटीक सूचना के बाद कोतवाली पुलिस ने मामले पर जब छापेमारी की तो प्रेम सागर का बेटा मुनेंद्र व अन्य बदमाश हथियारों के साथ पकड़े गए। तब जाकर हकीकत सामने आई कि शातिर बाप बेटा मिलकर प्रशासन को गुमराह कर रहे थे ।गैंग  को बचाने के लिए धरना प्रदर्शन की ड्रामेबाजी की जा रही थी।