रामू बाजपेयी-
- थानाध्यक्ष राजेश्वर त्रिपाठी को भी पसंद है आलू
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पाली (हरदोई)- जिस प्रकार बनारस का पान, संडीला के लड्डू, आगरा का पेठा मशहूर है उसी प्रकार हरदोई जिले के कस्बा पाली के भुने आलू भी मशहूर है। जी हाँ हरदोई जिले में गरुणगंगा (गर्रा) नदी के समीप बसे पाली कस्बे के भुने हुए आलू सबके मन को खूब भाते हैं । क्षेत्र ही नहीं बल्कि दूर दराज के लोंगो को भी आलू का ज़ायका अपनी तरफ खींच कर ले आता है। यहाँ तक कि राजधानी के लोग भी इस आलू के स्वाद के दीवाने है। लोंगो की माने तो आलू के साथ मे मिलने वाली चटनी इसके स्वाद को और भी बढ़ा देती है।
जैसे ही सर्दियां शुरू होती है बैसे नगर के बस स्टैंड चौराहे पर आलुओं की दुकानें सज जाती है और दूर दूर से लोग आकर लोग आलू का भरपूर आंनद लेते है। पाली थानाध्यक्ष राजेश्वर त्रिपाठी भी पाली भुने आलूओं के दीवाने है। उन्होंने कहा कि लोगों से भुने आलुओं के बारे में काफी सुना था,पाली आने के बाद जब इनका ज़ायका लिया तो वास्तव में जितनी तारीफ सुनी थी उससे भी कही ज्यादा स्वादिष्ट निकले। वाकई आलुओं का स्वाद लाजवाब है ।