प्रदेश सरकार ने माननीय न्यायालयों में मध्यस्थता केन्द्रों का मानदेय के लिए 50 करोड़ रुपये का कार्पस फंड गठित करने का निर्णय लिया है। प्रदेश के न्याय मंत्री श्री ब्रजेश पाठक ने बताया कि माननीय उच्च न्यायालय से लेकर अधीनस्थ न्यायालयों तक स्थापित मध्यस्थता केन्द्रों को प्रभावी बनाया जा रहा है। यह निर्णय सरकार ने जनसुविधा के दृष्टिगत रखते हुए लिया है।
प्रदेश के अधीनस्थ न्यायालयों में अवस्थापना सुविधाओं के लिए 103 करोड़ रुपये की धनराशि निर्गत की जा चुकी है। इस धनराशि से आवासीय एवं अनावासीय भवनों का निर्माण किया जा रहा है। न्यायालयों में विद्युत व्यवस्था सुदृढ़ करने के लिए विद्युत फीडर की स्थापना का कार्य प्रगति पर है। इस कार्य के लिए 50 करोड़ रुपये भी सरकार ने जारी किया है। अधीनस्थ न्यायालयों की सुरक्षा पर भी राज्य सरकार ने विशेष ध्यान केंद्रित किया है। इसके लिए 50 करोड़ रुपये की धनराशि निर्गत की गई है। न्यायालयों में सीसीटीवी कैमरा, सुरक्षा उपकरणों को स्थापित किया जायेगा।