सरकार द्वारा तीन राष्ट्रीयकृत बैंकों के विलय के निर्णय से आक्रोशित बैंक कर्मियों ने विरोध प्रदर्शन कर अपने गुस्से का इज़हार किया

ब्यूरो हरदोई-


भोजनावकाश में बैंक ऑफ बड़ौदा की कचहरी रोड स्थित मुख्य शाखा पर शहर की विभिन्न बैंकों से बैंककर्मी बड़ी संख्या में इस विरोध प्रदर्शन में शामिल रहे।

इस विरोध प्रदर्शन का आह्वाहन यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस ने किया था। बता दें कि बीते कल यानि सोमवार को केंद्र सरकार ने 3 सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों, यथा बैंक ऑफ बड़ौदा, देना बैंक और विजया बैंक का परस्पर विलय करने का निर्णय लिया है। इसके विरोध में देशभर में बैंककर्मियों ने आज मंगलवार को विरोध प्रदर्शन किए।

यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस की स्थानीय इकाई के संयोजक आर के पाण्डेय ने केंद्र सरकार के विलय सम्बन्धी फ़ैसले को अवांछनीय बताया। उन्होंने कहा कि सरकार एनपीए की गम्भीर समस्या से ध्यान भटकाने के लिए बैंकों के विलय कर रही है। उन्होंने कहा कि बैंकों के विलय से कोई चमत्कार नहीं हो जाएगा। पूर्व में भी स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में उसके सहयोगी बैंकों के विलय से कोई नतीजा नहीं निकला, उल्टे पहली बार स्टेट बैंक ऑफ घाटे में चला गया।

यूएफबीयू के डिप्टी चेयरमैन क्षितिज पाठक ने कहा कि सरकार को डूबे कर्ज की वसूली के ठोस उपाय करने चाहिए थे पर ऐसा न कर वह विलय जैसा बेनतीजा रहने वाला अनावश्यक निर्णय ले रही है। उन्होंने कहा कि देश को बैंकों की संख्या और बैंक शाखाएं बढ़ाने की जरूरत है नकि घटाने की। बैंकों के विलय से बैंक शाखाएं बन्द होगी। कर्मचारियों की संख्या घटेगी और नई भर्ती बन्द होगी।

प्रदर्शनकारियों में प्रमुख रूप से अनिल सिंह, वेद प्रकाश पांडे, गोपाल सक्सेना अजय मेहरोत्रा, अनूप सिंह, रामकुमार मिश्रा, वरुण सिंह, अनुज सिंह, रचना तिवारी, वैशाली सिंह, अनादि ब्रम्ह, अखिल भटनागर, रवि शंकर, देशदीपक दिवाकर, सौरभ कनौजिया, संदीप कुमार, राजेश कुमार, जगदीश, प्रदीप कुमार, संदीप कुमार, शिवम श्रीवास्तव, राजेश, श्याम मोहन बाजपेई मौजूद रहे।