संजय सिंह, सांसद, आप ने पेयजल एवं स्वच्छता मिशन पर उठाए सवाल! | IV24 News | Lucknow

कटहर छील तार का

का हो निहारन पँड़ित!
कटहर छील तार का ?
अँगरेजवा भरतीयन के अइसन ‘मनसहका’ बनइलन स कि जेकरा पोंछिटो खोंसे के लूर ना आवे, उहो अब गिटिर-पिटिर ठेल ता।
आव ए बकोटन चाचा! हेइजा बईठि के पियाजु छिलल जाउ। …… पोछे के सहूर नइखे, बाकिर भोजपूरी को दोकान खोलले बाड़े लोग। ओहनियने के करनिया से भोजपूरी ….. के धँसना में चलि गइल। इलहोबाद में भोजपूरी के कुल दोकान खोलले बाड़न स; बाकिर इ बूझ! सार लोग के एकहो गहँकी अब ले नइखे ठेकल।
आ का हो खबरिया काकी! हो चउतरवा पर बईठि के लड़पोंछना के मुहवाँ-में-मुहवाँ सटाइके का सिखाव तारू? तू त आपन भतारो खइलू; बेटो चबइलू, अब चाहतारू कि तहार जतरा निकालल जाउ।
आ ए सिताबदीयरा के चोर-चमार! बुझाता कि तहनी के सभाखन करे के पड़ी। सार लोग के झाड़ा फिरि के…… धोये के सहूर नइखे, बाकिर भोजपुरिया मलिकार बनि के मलाई बरफ हींचे के फेराक में पड़ल बाड़े.। …… ठेकी तहन लोग के; हमनी बुरबक समझ तार लोग? जवना दिने माथा घूमल सब हेन-बेन हो जाई।
बुझाईल कि ना सहकल भोजपूरिया?


डाकेटर पिरीथिबीनाथ पाँड़े