कछौना, हरदोई। दक्षिण कश्मीर के हिमालय में 3,880 मीटर की ऊंचाई पर स्थित पवित्र अमरनाथ गुफा मंदिर के दर्शन के लिए बुधवार को कस्बे से लगभग दो दर्जन तीर्थयात्रियों का जत्था रवाना हुआ।
करीब तीन साल के बाद दक्षिण कश्मीर की पहाड़ियों में स्थित बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए अमरनाथ यात्रा गुरुवार से शुरू हो गई है। इस बार यह यात्रा 43 दिनों तक चलेगी। पवित्र गुफा में प्राकृतिक रूप से बनने वाले बर्फ के शिवलिंग के दर्शन के लिए उत्साहित तीर्थयात्री बाबा बर्फानी की जय जय कार करते हुए कस्बे से रवाना हुए। अमरनाथ की गुफा समुद्र तल से करीब 3,800 मीटर ऊंचाई पर स्थित है। गुफा में मौजूद शिवलिंग की विशेषता यह है कि यह स्वयंभू है। इसकी मान्यता है कि, चंद्रमा के घटने-बढ़ने के साथ-साथ शिवलिंग के आकार में बदलाव आता है। इस पवित्र गुफा में भगवान शंकर ने भगवती पार्वती को मोक्ष का मार्ग दिखाया था। इस तत्वज्ञान को ‘अमरकथा’ के नाम से जाना जाता है इसीलिए इस स्थान का नाम ‘अमरनाथ’ पड़ा। यह कथा भगवती पार्वती तथा भगवान शंकर के बीच हुआ संवाद है। यह उसी तरह है जिस तरह कृष्ण और अर्जुन के बीच संवाद हुआ था।
इस तीर्थ यात्रा के लिए कस्बे के राम कुमार , रमन , लाला सिंह, शीलू सैनी, विवेक, संतोष, कुक्कू, राम जी मौर्य संजय, जय शंकर, राजीव, अमित आदि जम्मूतवी ट्रेन से बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए रवाना हुए। ज्जिनको कस्बा निवासी ओमप्रकाश राठौर (सामाजिक कार्यकर्ता, जिला सह धर्मजागरण प्रमुख ) ने खीर का प्रसाद खिला कर रवाना किया; वही दर्शन को जा रहे भोले के भक्तों को प्रेम शंकर, अवधेश, सतीश गुप्ता दीपू, पप्पू ठठिया वाले महेंद्र जायसवाल अर्पिता राठौर ने मिष्टान्न, पानी की बोतल, नमकीन-बिस्कुट, फ्रूटी आदि देकर जयकारे के साथ विदा किया।
रिपोर्ट- पी.डी. गुप्ता