अपने मूल मार्ग से भटक रहे काँवरयात्री!
● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय••••••••••••••••••••••••••••••••••••••• आस्था, श्रद्धा और विश्वास मन-प्रधान होता है, न कि तन-प्रधान। “मन चंगा तो कठौती मे गंगा” को योँ ही नहीँ कहा गया है। इतना ही नहीँ, परम ईश्वरीय शक्ति विष्णु […]