कृषि सूचनातंत्र के सुदृद्दीकरण एवं कृषक जागरूकता कार्यक्रम के अन्तर्गत संभागीय कृषि शोध केन्द्र परिसर हरदोई में आयोजित चार दिवसीय किसान मेला कृषि प्रदर्शनी एवं कृषक गोष्ठी के दूसरे दिन जनपद के समस्त अंचलों से बड़ी संख्या में आये हुये कृषकों द्वारा प्रतिभाग किया गया। किसान मेला में विभिन्न विभागों एवं संस्थानों/प्रतिष्ठानों द्वारा लगाई गई प्रदर्शन/स्टालों का अवलोकन कर कृषि के क्षेत्र में नवीनतम शोधों एवं कृषि तकनीकी से किसान भाई परिचित हुये। कृषक गोष्ठी का शुभारम्भ करते हुये जनपद के उप कृषि निदेशक डा० नन्द किशोर द्वारा उपस्थित अधिकारियों क्षेत्रीय कर्मचारियों मीडिया कार्मिकों तथा किसान भाईयों का स्वागत करते हुये कृषि विभाग द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं के बारे में जानकारी दी गई। उन्होंने किसान भाईयों से यह भी अनुरोध किया कि जनपद से राजकीय कृषि बीज भण्डारों पर सभी फसलों के प्रमाणित बीज 50 प्रतिशत से 90 प्रतिशत अनुदान पर उपलब्ध हैं, जिन्हें किसान भाई अपनी आवश्यकतानुसार क्रय कर सकते हैं और शासन द्वारा अनुमन्य छूट का लाभ प्राप्त कर सकते हैं। सरकार द्वारा सामान्य धान के लिये रू० 2040 प्रति कुन्तल तथा ए ग्रेड धान के लिये रू0 2060 प्रति कुन्तल समर्थन मूल्य घोषित किया गया है। भूमि संरक्षण अधिकारी डा० निधि राठौर द्वारा किसान भाईयों को खेत तालाब योजना के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। कृषि विज्ञान केन्द्र, हरदोई के कृषि वैज्ञानिक डा० सी०पी०एन० गौतम द्वारा समसामयिक कृषि सस्य क्रियाओं तथा फसलों में लगने वाले कीट रोगों एवं उनके नियंत्रण के बारे में किसानों को विस्तृत जानकारी दी गन्ना शोध परिषद शाहजहाँपुर के वरिष्ठ वैज्ञानिक डा० आर०डी० तिवारी द्वारा किसानों को गन्ने का उत्तम कोटि की गुणवत्ता और अधिकतम उत्पादन प्राप्त करने हेतु गन्ने की खेती के बारे में व्यवहारिक और उपयोगी जानकारी दी गई। कृषक गोष्ठी में बोलते हुये जनपद के उपायुक्त उद्योग एस०ए० रिजवी ने उद्योग विभाग द्वारा चलाई जा रही योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी तथा युवाओं से योजनाओं का लाभ उठाने और स्वरोजगार की ओर उन्मुख होने की अपील की। उप संभागीय कृषि प्रसार अधिकारी श्री विनीत कुमार द्वारा किसान भाईयों से रासायनिक उर्वरकों के कम से कम प्रयोग तथा प्राकृतिक खेती/जैविक खेती को अपनाने का आह्वान किया गया ताकि हम अपने खेतों की मृदा का स्वास्थ्य तथा अपने परिवार एवं समाज का स्वास्थ्य बेहतर रख सकें। उप परियोजना निदेशक (आत्मा) श्री जयराम सिंह द्वारा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में बिना किसी व्यवधान के सम्मान निधि प्राप्त करने हेतु किसान भाईयों से अपनी के०वाई०सी० अपडेट कराने का अनुरोध किया। इसके अतिरिक्त अपने पर्यावरण को सुरक्षित रखने और मानव स्वास्थ्य को दृष्टिगत रखते हुये खेतों फसल अवशेष पराली को न जलाने की अपील की। उन्होंने कहा कि पराली को अपने खेतों में ही जैविक के रूप में प्रयोग करें इसके लिये 10 किग्रा० प्रति हेक्टेयर की दर से छिड़काव करके डिस्क हैरो से जुताई कर दें जिससे फसल अवशेष अच्छे से खेत में ही सड़ जाते हैं तथा खेत में कार्बनिक पदार्थ में वृद्धि होती है। अवशेष पराली को निकटवर्ती गौशालाओं में आपूर्ति कर दो ट्राली पराली के बदले एक ट्राली गोबर की खाद प्राप्त कर सकते हैं। कार्यक्रम में प्रेमचन्द्र कुशवाहा, सलाहकार कालीचरन वर्मा से०नि० वरिष्ठ शोध सहायक तथा रामसनेही कनौजिया से०नि० वरिष्ठ कृषि रक्षा सहायक आदि ने भी प्रतिभाग किया। कार्यक्रम के अन्त में उप कृषि निदेशक द्वारा समस्त प्रतिभागी अधिकारियों, कर्मचारियों मीडिया बन्धुओं तथा किसान भाईयों को धन्यवाद ज्ञापित किया गया।