श्री मुरलीमनोहर टाउन स्नातकोत्तर महाविद्यालय, बलिया की एकदिवसीय भाषिक कर्मशाला सम्पन्न
“स्वाध्याय के प्रति सबको रुचि जाग्रत् करनी होगी”– आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय
“स्वाध्याय के प्रति सबको रुचि जाग्रत् करनी होगी”– आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय
● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय••••••••••••••••••••••••••••••••••••••• इस धूर्त्त को अच्छी तरह से पहचानिए, जो स्वयं को हिन्दीभाषा/सामान्य हिन्दी का ‘सर’ कहता है; परन्तु इसका हिन्दीबोध नितान्त निचले स्तर का है। यह यूट्यूब पर अपनी कक्षा चलाता […]
● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय•••••••••••••••••••••••••••••••••••••• आत्मीय आभासी-अनाभासी मित्रवृन्द! आपमे से बहुसंख्य मित्र (शाब्दिक) ऐसे हैँ, जो भयवश मेरे सम्प्रेषण पर कोई टिप्पणी नहीँ करते। उन्हेँ आशंका रहती है कि उनके अशुद्ध लेखन पर सीधे अँगुली […]
अध: टंकित शब्दोँ मे से कौन-सा शब्द उपयुक्त है?१– बँटाधार२– बण्टाधार३– बण्टाढार४– बँटाढार५– इनमे से कोई नहीँ। (फिर कौन-सा शब्द है?) उत्तर– १– बँटाधार शब्द-विवेचन– जो शब्द सर्वत्र प्रचलित है, वह ‘बंटाधार’ और ‘बण्टाधार’ है। […]
डी० ए० वी० पश्चिम बंगाल-प्रक्षेत्र के क्षेत्रीय प्रशिक्षण-केन्द्र-द्वारा क्षमता-संवर्द्धन प्रशिक्षण-कार्यक्रम में व्याकरण का संज्ञान कराने के लिए डी० ए० वी० मॉडल स्कूल के बीस विद्यालयों की हिन्दी-अध्यापक- अध्यापिकाओं को भाषाविद्-भाषाविज्ञानी आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय ने […]