तानाशाही चरम पर, नहीं कोई दरकार

October 12, 2020 0

— आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय एक–गयी हाथ से नौकरी, लोग हुए बेकाम।नमो-नमो का जप करो, बोलो जयश्रीराम।।दो–शर्म-हया सब पी गये, छान पकौड़ा तेल।जनता जाये भाँड़ में, अजब-ग़ज़ब का खेल।।तीन–थपरी मारो प्रेम से, उत्तम बना प्रदेश।गुण्डे […]

सीना ताने सत्य पर, खड़े रहो तुम एक

October 12, 2020 0

— आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय एक–हाथ जोड़कर हैं खड़े, कोई काम-न-धाम।नेता उनका नाम है, सबै बिगाड़ैं काम।।दो–चुनिए ऐसे लोग ही, जो जनता के पास।बाक़ी ठोकर मारिए, नहीं दिखे जो ख़ास।।तीन–कलियुगसमय-प्रभाव है, पाप पुण्य का रूप।छल-प्रपंच […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

October 12, 2020 0

१- निम्नांकित के अन्तर्गत प्रत्येक में से कौन-सा शब्द/वाक्य अशुद्ध नहीं है?(क) खिलाड़ी ने गेंद फेंका । (ख) खिलाड़ी ने गेंद फेंकी। (ग) खिलाड़ी ने गेंद फेकी।(घ) खिलाड़ी गेंद फेका। (ङ) खिलाड़ी गेंद फेकी।२- (क) […]