क्रिमिनल बाबा को कोटी-कोटी परनाम

February 1, 2024 0

——० हास-परिहास ०—— ● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय परिदृश्य-विवरण :–‘क्रिमिनल बाबा’ का अय्याशीभरा दरबार सज गया है। क्रिमिनल बाबा मखमल-जैसे नरम-नरम स्वर्णिम गद्दे पर ओल्हरे हुए हैं। उनके चारों ओर पैर पसारे भगतिन क्रिमिनल बाबा […]

झोंकरावन चाची के नावे तहार भतीजवा जरावन पाँड़े क एगो चीठी

October 27, 2023 0

भोजपुरिया लिक्खाड़ लोगवा! एही क कहल जाला भोजपुरी ● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय ए चचिया! तोरा क उठि-बइठि आ सूति-जागि के उठक-बइठक करत परनाम करत बानी। आछा त, तू खाँड़ी-चूकी ना हउ, सोगहगवे बाड़ू। आपना […]

भोजपुरी बोली के रस पीहीं सभे बुझाइल कि ना हो?

March 25, 2021 0

★ आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय अझुराहि, गेंगाहि, नखराहि, बुदबुदाहि, फेकराहि, झोकराहि, बकलोल आ तिरछोल मेहरारू केहू के भेंटाइ गइल त जिनगी के ताक् धिना धिन सुरू हो गइल। एहुसे घेलुओ में केहू ओइसन मेहराऊ थमावे, […]

इहे ह भोजपूरी बाबू!

January 23, 2021 0

“अब देख ना हे भछनो के” — आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय (सर्वाधिकार सुरक्षित — आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय, प्रयागराज; २३ जनवरी, २०२१ ईसवी।)