महेन्द्रकुमार सिंह ने संयुक्त शिक्षा निदेशक के रूप मे अपना पदभार सँभाला

November 17, 2025 0

एक बार फिर महेन्द्रकुमार सिंह ने १७ नवम्बर को प्रयागराज मे अपना पदभार सँभाल लिया है। श्री सिंह का प्रयागराज से गहरा नाता रहा है। यही कारण है कि अब उन्होंने मथुरा और बीसलपुर मे […]

रुग्ण दिखतीं शिक्षा-परीक्षा पद्धतियाँ

June 9, 2023 0

● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय श्रमिक-वर्ग की बेकारी उतना चिन्त्य नहीं है जितना कि शिक्षित-वर्ग की। श्रमिक-वर्ग कहीं-न-कहीं सामयिक काम पाकर अपना जीवन-यापन कर लेता है; परन्तु विद्यार्थी-वर्ग जीविका के अभाव मे आधि-व्याधि का शिकार […]

और कितना विषैला बनाओगे शिक्षा-प्रशिक्षा-परीक्षा को?

September 4, 2022 0

‘शिक्षक-दिवस’ की पूर्व-सन्ध्या मे आयोजित ‘सर्जनपीठ’ की राष्ट्रीय परिसंवादमाला ‘सर्जनपीठ’ के तत्त्वावधान मे ‘शिक्षक-दिवस (तिथि)’ की पूर्व-सन्ध्या मे (‘सन्ध्या पर’ अशुद्ध है।) ‘शिखर से शून्य की ओर सारस्वत पथ’ परिसंवादमाला के अन्तर्गत ‘शिक्षा-प्रशिक्षा और परीक्षा […]

भाषाविज्ञानी आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय ने समीक्षा अधिकारी-सहायक समीक्षा अधिकारी परीक्षा के छ: प्रश्नों के विकल्प को ग़लत ठहराया

December 6, 2021 0

उत्तरप्रदेश लोकसेवा-आयोग का ‘छात्र-विरोधी’ खेल जारी है! पिछले रविवार को उत्तरप्रदेश लोकसेवा आयोग, प्रयागराज की ओर से आयोजित ‘सामान्य हिन्दी’ विषय की परीक्षा के प्रश्नपत्र में ६० प्रश्नों में से ६ प्रश्नों के सभी उत्तर-विकल्पों […]

शिक्षे-परीक्षे! तुम्हारा नाश हो

June 1, 2018 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय- श्रमिक-वर्ग की बेकारी उतनी चिन्त्य नहीं है जितनी कि शिक्षित-वर्ग की। श्रमिक-वर्ग श्रम कहीं-न-कहीं सामयिक काम पाकर अपना जीवन-यापन कर लेता है; परन्तु शिक्षित-वर्ग जीविका के अभाव में आधियों-व्याधियों का शिकार बनता […]