किसी से ‘अतिरिक्त’ अपेक्षा क्यों और किस हेतु?

June 16, 2018 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय आज एक ‘अस्वस्थ’ मित्र का उपालम्भपूर्ण सम्प्रेषण पढ़ने के पश्चात् मेरा मन विषण्ण हो उठा। मैं स्वयं को रोक न सका। उनकी कातरता को ‘अपनी’ कातरता बनाते हुए, वास्तविक अनुभूति की तरलता […]