”सही उच्चारण के लिए संस्कृत और फ़ारसी का ज्ञान आवश्यक है”– फ़िराक़ गोरखपुरी

March 5, 2026 0

‘सर्जनपीठ’ का ‘अज़ीम शाइर फ़िराक़ गोरखपुरी और उनकी सार्वकालिक रचनाशीलता’ विषयक राष्ट्रीय आन्तर्जालिक आयोजन प्रयागराज। एक ख़ूबसूरत एहसास का नाम है, फ़िराक़। ग़ज़ल, नज़्म, रुबाई के साथ-साथ, समालोचना और इतिहास पर भी क़लम चलानेवाले रघुपति […]

“कुछ इशारे थे, जिन्हें दुनिया समझ बैठे हम”– फ़िराक़

August 28, 2023 0

‘सर्जनपीठ’ का ‘अज़ीम शाइर फ़िराक़ गोरखपुरी और उनका काव्यदर्शन’-विषयक राष्ट्रीय आयोजन •••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••एक ख़ूबसूरत एहसास का नाम है, फ़िराक़। ग़ज़ल, नज़्म, रुबाई के साथ-साथ, समालोचना और इतिहास पर भी क़लम चलानेवाले रघुपति सहाय फ़िराक़ गोरखपुरी यदि […]

“किसी का यूँ तो हुआ कौन उम्रभर फिर भी, ये हुस्न-ओ-इश्क़ तो धोखा है सब मगर फिर भी”– फ़िराक़

August 28, 2021 0

◆ आज (२८ अगस्त) फ़िराक़ गोरखपुरी की १२५ वीं जन्मतिथि है। ★ आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय फ़िराक़ एक फक्कड़, किन्तु ख़ुद्दार शख़्सीयत (‘शख़्सियत’ अशुद्ध शब्द है।) का नाम है। पाँव से सिर तक की उनकी […]

आज (२८ अगस्त) फ़िराक़ गोरखपुरी की १२५वीं जन्मतिथि है

August 28, 2021 0

“जोबन छलकाती उठी चंचल नार, राधा गोकुल में जैसे खेले होली”– फ़िराक़ एक ख़ूबसूरत एहसास का नाम है, फ़िराक़। ग़ज़ल, नज़्म, रुबाई के साथ-साथ, समालोचना और इतिहास पर भी क़लम चलानेवाले रघुपति सहाय फ़िराक़ गोरखपुरी […]

नयी दृष्टि और भारतीयता के वाहक थे ‘फिराक’

October 10, 2020 0

शाश्वत तिवारी : लखनऊ/ फिराक हिन्दुस्तानी संस्कृति की रूह के विशिष्ट शायर थे। कई भाषाओं के विद्वान भाषण कला में अद्वितीय और गद्यव पद्य दोनों की लेखनी में माहिर थे। उर्दू शायरी के इतिहास में […]

फिराक़ गोरखपुरी पर केन्द्रित साहित्यिक समारोह अब 09 से

October 7, 2020 0

शाश्वत तिवारी : लखनऊ : मशहूर शायर रघुपति सहाय ‘फिराक गोरखपुरी’ पर केन्द्रित हिंदी उर्दू साहित्य अवार्ड कमेटी का पूर्व नियोजित 28वां पांच दिवसीय साहित्यिक सम्मेलन 08 अक्टूबर की जगह अब कतिपय कारणों से 09 […]

आज (२८ अगस्त) फ़िराक़ गोरखपुरी की जन्मतिथि पर विशेष

August 28, 2020 0

◆ आज (२८ अगस्त) फ़िराक़ गोरखपुरी की जन्मतिथि है। “ख़बर दो हुस्न को, मैं आ रहा हूँ”– फ़िराक़ गोरखपुरी — आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय फ़िराक़ एक फक्कड़ व्यक्तित्व का नाम है। पाँव से सिर तक […]

‘सर्जनपीठ’ का राष्ट्रीय आयोजन

August 28, 2020 0

हम तो इंसान को दुनिया का ख़ुदा कहते हैं– फ़िराक़ गोरखपुरी वैचारिक-बौद्धिक मंच ‘सर्जनपीठ’, प्रयागराज ने शाइरे आज़म फ़िराक़ गोरखपुरी की जन्मतिथि के अवसर पर एक आन्तर्जालिक राष्ट्रीय बौद्धिक आयोजन किया। उर्दू-विभाग, अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय […]

‘फ़िराक़ गोरखपुरी और उनका जीवन-दर्शन’ विषयक राष्ट्रीय बौद्धिक परिसंवाद २८ अगस्त को

August 25, 2020 0

शाइरे आज़म रघुपति सहाय ‘फ़िराक़ गोरखपुरी’ की जन्मतिथि (२८ अगस्त) के अवसर पर ‘सर्जनपीठ’, प्रयागराज के तत्त्वावधान में ‘फ़िराक साहिब और उनका जीवन-दर्शन’ विषयक एक आन्तर्जालिक राष्ट्रीय बौद्धिक परिसंवाद का आयोजन किया जायेगा। आयोजक आचार्य […]

“हम तो इंसान को दुनिया का ख़ुदा कहते हैं”– फ़िराक़

August 28, 2019 0

◆ आज (२८ अगस्त) फ़िराक़ गोरखपुरी की जन्मतिथि है। डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय- फ़िराक़ एक फक्कड़ व्यक्तित्व का नाम है। पाँव से सिर तक की उनकी सभ्यता देखने के बाद कोई भी व्यक्ति एक बार ठिठक […]