इस समाज की नीवँ धर्म है

January 8, 2020 0

राघवेन्द्र कुमार त्रिपाठी ‘राघव’ हिंसक पशु कब समझा है, कोमल मन के भाव मधुर । बिना दण्ड कब सुधरे हैं, वामी, कामी और दुष्ट असुर । इस समाज की नीवँ धर्म है, यह हर प्राणी […]