क्रान्ति को जन्म दे, ऐसी ‘जननी’ हमें चाहिए
डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय सुगबुगाहट हो तो, अब आग उठनी चाहिए, हो कहीं भी आग तो, आग लगनी चाहिए। बहुत सोये हो तुम! अब जग जाने को सोचो, उठाओ अब मशाल, लपट उठनी चाहिए। बूढ़ा भारत […]
डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय सुगबुगाहट हो तो, अब आग उठनी चाहिए, हो कहीं भी आग तो, आग लगनी चाहिए। बहुत सोये हो तुम! अब जग जाने को सोचो, उठाओ अब मशाल, लपट उठनी चाहिए। बूढ़ा भारत […]