काँवर-धारण कर्म का पहले जानो मर्म
● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय•••••••••••••••••••••••••••••••••••••• (इस शब्दशक्ति का प्रहार उन पाखण्डी काँवरियोँ पर किया गया है, जो काँवरयात्रा के नाम पर सरे आम ‘आतंक’ फैलाते और ‘दुराचरण’ करते देखे जा रहे हैँ।) एक–कैसे-कैसे दिख रहे, […]