”आचार्य हजारीप्रसाद द्विवेदी की समीक्षा मे सद्भावना और काव्यालोचना मे देशहित और कालगत संस्कार का समावेश है”– आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय

August 20, 2026 0

‘सर्जनपीठ’ का राष्ट्रीय बौद्धिक परिसंवाद प्रयागराज-बलिया। ‘सर्जनपीठ’ के तत्त्वावधान मे प्रसिद्ध निबन्धकार और आलोचक आचार्य हजारीप्रसाद द्विवेदी की जयन्ती के अवसर पर ‘साहित्य-जगत् मे आचार्य हजारीप्रसाद द्विवेदी की सत्ता और महत्ता’ विषयक एक राष्ट्रीय आन्तर्जालिक […]

राष्ट्रीय आन्तर्जालिक बौद्धिक परिसंवाद मे देश के प्रबुद्धजन की वैचारिक भागीदारी ३० जुलाई को

July 29, 2026 0

प्रयागराज। ‘सर्जनपीठ’, प्रयागराज की ओर से कथा-सम्राट् प्रेमचन्द के जन्म-दिनांक (३१ जुलाई) की पूर्व-संध्या मे ‘प्रेमचन्दकथा- लेखन की प्रासंगिकता’ विषय पर बलिया और प्रयागराज से एकसाथ राष्ट्रीय आन्तर्जालिक बौद्धिक परिसंवाद का आयोजन होगा। आयोजक, व्याकरणवेत्ता […]

पं० केशरीनाथ त्रिपाठी की रचनाधर्मिता समय-सत्य है– आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय

November 10, 2022 0

“पं० केशरीनाथ त्रिपाठी एक कुशल विधिवेत्ता के साथ ही एक प्रभावकारी साहित्यकार भी हैं। उनकी काव्यकला मे जिस प्रकार का बिम्ब-विधान और प्रतीक-योजना लक्षित होती है, वह उनकी सम्यक् काव्यदृष्टि की परिचायक है। उनकी समयसत्य […]

“बेटियों को आत्मनिर्भर की दीक्षा करने की आवश्यकता है”– आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय

February 17, 2022 0

राष्ट्रीय सेवा योजना, सिदो कान्हु मुर्मू विश्वविद्यालय दुमका पीजी इकाई ०१ के कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ० अजय शुक्ल के द्वारा बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ विषय पर एक दिवसीय ऑनलाईन वेबीनार का आयोजन १७ फ़रवरी को प्रयागराज […]

आज यदि ‘गांधी’ होते तो?

January 30, 2021 0

‘सर्जनपीठ’, प्रयागराज का राष्ट्रीय आन्तर्जालिक बौद्धिक परिसंवाद बौद्धिक, शैक्षिक, सांस्कृतिक, सामाजिक तथा साहित्यिक मंच ‘सर्जनपीठ’, प्रयागराज के तत्त्वावधान आज (३० जनवरी) एक राष्ट्रीय आन्तर्जालिक बौद्धिक परिसंवाद ‘काश! आज ‘गांधी’ होते’ विषय पर आयोजन किया गया, […]