“बेटियों को आत्मनिर्भर की दीक्षा करने की आवश्यकता है”– आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय

राष्ट्रीय सेवा योजना, सिदो कान्हु मुर्मू विश्वविद्यालय दुमका पीजी इकाई ०१ के कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ० अजय शुक्ल के द्वारा बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ विषय पर एक दिवसीय ऑनलाईन वेबीनार का आयोजन १७ फ़रवरी को प्रयागराज से किया गया।

इस अवसर पर स्वयंसेवक-स्वयंसेविकाओं को संबोधित करते हुए, हिन्दी के प्रख्यात भाषाविद्, विद्वान् आचार्य और समारोह के अध्यक्ष पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय ने अपने विचार प्रकट करते हुए कहा– देश मे आज औसत बेटियों की स्थिति बहुत अच्छी नहीं है। उनके पोषण, स्वास्थ्य, सामाजिक वातावरण, शिक्षा, रोज़गार आदिक के क्षेत्रों मे जितने अच्छे अवसर मिलने चाहिए, नहीं मिल रहे हैं। हमे उन गाँवों की बेटियों की स्थिति को समझना होगा, जो बहुत ही कठिनाई से दोनो समय का भोजन कर पा रही हैं। सरकार और सम्बन्धित संस्थानो को ”बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ” के नारे से अलग हटकर ज़मीन पर काम करने की ज़रूरत है, जो अभी तक दिख नहीं रहा है। अब बेटियों को आत्मनिर्भर करने की आवश्यकता है।

संकाय-अध्यक्ष और विशिष्ट अतिथि डॉ० विनय कुमार सिन्हा ने कहा– आज लिंगानुपात की दृष्टि से बालिकाओं की संख्या बहुत कम है, जो चिन्ताजनक स्थिति है।

एस० पी० कॉलेज मे मनोविज्ञान-विषय की सहायक प्राध्यापक डॉ० तृजा ने कहा– बेटियों को हर स्तर पर बढ़ाने की आवश्यकता है। हमे इसे कहना नहीं है, बल्कि करके दिखाना है।

प्रो० मेरी माग्रेट टुडू ने कहा– आज बेटियों को सस्ती और अच्छी शिक्षा देने की आवश्यकता है। उन्हें स्वस्थ भोजन, उत्तम स्वास्थ्य और वातावरण मिलना चाहिए, तभी वे समाज मे अपना सम्मानित स्थान बना सकेंगी।

संयोजक डॉ० अजय शुक्ल ने कहा– हमे प्रत्येक स्तर पर बेटियों की आत्मिक और बौद्धिक समृद्धि के लिए उन्हें यथोचित वातावरण उपलब्ध कराना होगा; क्योंकि आज बेटियाँ सुविधाओं और साधनो के अभाव मे प्रगति-पथ पर बढ़ नहीं पा रही हैं। हमे खोखले आदर्श से परे रहकर बेटियों की यथार्थमय धरातल को समझना होगा।

डॉ० राजेश कुमार गर्ग ने कहा– बेटियाँ हमारी वह निधि है, जिन पर हर किसी को गर्व होना चाहिए। हमे बेटियों की दशा और दिशा का समग्र मे मूल्याङ्कन करना होगा।

इस अवसर पर अंकित पांडेय, एन० एस० एस० राष्ट्रपति पुरस्कृत सह नेशनल यूथ अवार्डी, जतिन कुमार, एन० एस० एस० राष्ट्रपति पुरस्कृत सहित कई स्वयंसेवकों ने अपने विचार प्रस्तुत किये। मंच का संचालन अभय मिश्रा एवं गुंजन त्रिपाठी के द्वारा किया गया।