वट सावित्री व्रत के निहितार्थ
वट सावित्री व्रत के निहितार्थ:- 1.सत्यवान के अल्पायु होने की बात ज्ञात होने पर पिता की आपत्ति पर सावित्री कहती हैं :-“आर्य कन्याएं अपने पति का एक बार ही वरण करती हैं, राजा एक बार […]
वट सावित्री व्रत के निहितार्थ:- 1.सत्यवान के अल्पायु होने की बात ज्ञात होने पर पिता की आपत्ति पर सावित्री कहती हैं :-“आर्य कन्याएं अपने पति का एक बार ही वरण करती हैं, राजा एक बार […]
महेेन्द्र महर्षि (सेवानिवृत्त वरिष्ठ अधिकारी, दूरदर्शन) जब फूलों की बहार आने लगी तो एक सुबह अपने ब्लाक के ऊपरी छज्जे पर मधुमक्खी का छत्ता नज़र आया। फिर तो रोज़ ही उसे देखना रूटीन बन गया। […]
प्रकृति से ‘परा-प्रकृति तक’ सम्पन्न प्रकृति-संरक्षण मंच ‘साहित्यांजलि प्रज्योदि’ की ओर से २५ दिसम्बर को ‘सारस्वत सभागार’, लूकरगंज, प्रयागराज में पर्यावरण-विषयक एक बौद्धिक परिसंवाद का आयोजन हुआ। इस अवसर पर प्रसिद्ध शाइर अनवार अब्बास को […]