धर्म की अधर्म पर और सत्य की असत्य पर जीत का प्रतीक है नवरात्र
“अयि गिरिनन्दिनि नन्दितमेदिनि विश्वविनोदिनि नन्द नुते।गिरिवरविन्ध्यशिरोऽधिनिवासिनि विष्णुविलासिनि जिष्णुनुते।।भगवति हे शितिकण्ठकुटुम्बिनि भूरिकुटुम्बिनि भूरिकृते।जय जय हे महिषासुरमर्दिनि रम्यकपर्दिनि शैलसुते॥“ आदि शंकराचार्य द्वारा सृजित और पंडित बीरेंद्र कृष्ण भद्र की आध्यात्मिक वाणी और तेनालीराम द्वारा संगीतबद्ध महिषासुर मर्दिनी […]