शोधकर्म की गुणवत्ता पर लगता ग्रहण
डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय- खेद है, शोध कर रहे और करा रहे ‘शोध’ की अर्थ-अवधारणा से परिचित ही नहीं हैं। चार-छ: पृष्ठों में शोधपत्र का लेखन कर लिया जाता है और दस सन्दर्भ सामग्री के नाम […]
डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय- खेद है, शोध कर रहे और करा रहे ‘शोध’ की अर्थ-अवधारणा से परिचित ही नहीं हैं। चार-छ: पृष्ठों में शोधपत्र का लेखन कर लिया जाता है और दस सन्दर्भ सामग्री के नाम […]