Sanatan can free from the cycle of life and death

February 10, 2024 0

Raghavendra Kumar Tripathi ‘Raghav’– O blessed land of Bharat! you are fortunate, you are chosen for spreading knowledge entire world. This knowledge of the divine light illuminates the entire world. The Supreme Being instructs humanity […]

नास्ति सत्य समं तपः

May 12, 2023 0

नास्ति विद्या समं चक्षु नास्ति सत्य समं तपः। नास्ति राग समं दुःखं नास्ति त्याग समं सुखम्॥ विद्या के समान कोई दृष्टि नहीं है। सत्य से बढ़कर कोई तप नहीं है। राग या आसक्ति से बड़ा […]

सनातन धर्मानुसार मनुष्यों में न्याय की प्रवृत्ति का परिचय

May 8, 2023 0

जो अन्याय करता है, और कभी नहीं चाहता की न्याय हो, उसे निषाद कहते हैं।उसे अन्त्यज कहते हैं।उसे बहिष्कृत्य और परित्यज्य कहते हैं।उसे अस्पृश्य कहते हैं।उसे अछूत कहते हैं।उसे असामाजिक तत्त्व कहते हैं।उसे असभ्य कहते […]

वर्तमान हिंदुत्व बनाम प्राचीन सनातन धर्म

March 17, 2023 0

“पूर्ण शिक्षित रहने वाला सनातन राष्ट्र पूर्ण अशिक्षित और बेरोजगार ‘हिन्दूराष्ट्र’ में परिवर्तित कैसे हुवा?” अब से लगभग 4000 वर्ष पूर्व तक धरती पर एकमात्र सनातन धर्म ही व्याप्त था।ज्ञान और गुण प्राप्ति हेतु समुचित […]

जो ज्ञान-विज्ञान की कसौटियों पर खरा नहीं, वह सनातन धर्म का अंग भी नहीं

February 10, 2023 0

न्यायप्रेमी इस आर्टिकल को ध्यान से पढ़े व मनन करें। आजकल की पूजा-पाठ को ही लोग धर्म समझ बैठे हैं..!किसी की पूजा और कोई विशेष तरह की उपासना या साधना या विशेष प्रकार का वस्त्र […]

धर्म क्या है ?

February 6, 2023 0

जीवन में पारस्परिक सहजीविता के आधार पर “न्यायपूर्वक” जीना ही धर्म है। धर्म जीवन को कभी दो भागों में नहीं बाँटता था..राजनीति ने जीवन को दो भागों में बाँट दिया-एक शोषक और दूसरा शोषित । […]

धर्म और अधर्म के प्रेरणाप्रद संवाद से सीखें

January 20, 2023 0

● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय अधर्म ने धर्म से कहा, “धर्म भाई! मृत्युलोक मे ऐसा एक भी व्यक्ति नहीं दिखता, जो तुम्हारे तात्त्विक रहस्य को जान सके; इसका कारण क्या है?” धर्म ने सारगर्भित उत्तर […]

सनातन सतधर्म में मनुष्यों पर केवल तीन ऋण

January 8, 2023 0

सैद्धांतिक दृष्टि से सनातन सतधर्म में मनुष्यों पर केवल तीन ऋण होते हैं… ये तीनो ऋण ब्रह्मचर्य आश्रम के 25 वर्षीय विद्यार्थी जीवन के दौरान उत्पन्न होते हैं। वह SQ तो इन तीनों ऋणों को […]

दत्त पीठम मे आध्यात्मिकता के साथ-साथ आधुनिकता का भी होता है पोषण

May 22, 2022 0

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने एक संदेश के माध्यम से श्री गणपति सच्चिदानंद स्वामी जी के 80वें जन्मदिन समारोह को संबोधित किया। प्रधानमंत्री ने इस शुभ अवसर पर श्री गणपति सच्चिदानंद स्वामी जी और उनके […]

सबका ध्यान रखते हुए सनातन शासनतन्त्र की स्थापना ही हमारा उद्देश्य : पुरीपीठाधीश्वर

May 16, 2022 0

भारतवर्ष समेत विश्व के 15 से अधिक देशों को हिन्दु-राष्ट्र घोषित करने के उद्देश्य से “हिन्दु-राष्ट्र अधिवेशन” एवं सनातन संविधान (हिन्दु-लॉ) पर विधि विशेषज्ञों की वैचारिक संगोष्ठी को सम्बोधित करने के लिए दिनांक 17 मई […]

सनातन धर्मानुसार मनुष्यों में न्याय की प्रवृत्ति का परिचय

November 27, 2021 0

जो अन्याय करता है, और कभी नहीं चाहता की न्याय हो, उसे निषाद कहते हैं।उसे अन्त्यज कहते हैं।उसे बहिष्कृत्य और परित्यज्य कहते हैं।उसे अस्पृश्य कहते हैं।उसे अछूत कहते हैं।उसे असामाजिक तत्त्व कहते हैं।उसे असभ्य कहते […]

दर्शन : आदि-अन्त से सम्बन्धित सनातन ज्ञान

July 7, 2021 0

संकलित- (1) प्रश्न :- मृत्यु न होती तो क्या होता ? उत्तर :- तो बहुत अव्यवस्था होती । पृथ्वी की जनसंख्या बहुत बढ़ जाती । और यहाँ पैर धरने का भी स्थान न होता । […]

सनातनधर्म व आरक्षण-वंचितों के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं – से०नि० डीजीपी

March 2, 2021 0

लखनऊ: भारतीय सवर्ण संघ की प्रथम बैठक सम्पन्न हुई और बैठक का मुख्य विषय “भारतीय समाज में सद्भावना व समानता का अवसर” था। बैठक की अध्यक्षता करते हुए भारतीय सवर्ण संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष व […]