सत्ज्ञान की सरलता
सत्य का ज्ञान सर्वत्र खुला ही हुआ है और यह सत्ज्ञान अनूठा और सर्वथा उपयोगी भी है।तुम केवल मूर्खतावश या धूर्ततावश ही उससे दूर भागते हो। सबको ज्ञात ही है कि संसार में एक ही […]
सत्य का ज्ञान सर्वत्र खुला ही हुआ है और यह सत्ज्ञान अनूठा और सर्वथा उपयोगी भी है।तुम केवल मूर्खतावश या धूर्ततावश ही उससे दूर भागते हो। सबको ज्ञात ही है कि संसार में एक ही […]