देहदानी शिक्षाविद् और लेखक प्रेमशंकर खरे का देहावसान!

November 20, 2025 0

नगर के प्रतिष्ठित शिक्षाविद् और साहित्यकार प्रेमशंकर खरे का आज (२० नवम्बर) सुबह निधन हो गया था। उनकी आयु ९८ वर्ष की थी, जो लम्बे समय से अपने ख़राब स्वास्थ्य से प्रभावित थे। उनका जन्म […]

हरिमोहन मालवीय एक अध्ययनशील साहित्यकार थे

December 20, 2024 0

डॉ० मणिकान्त यादव ने कहा– हरिमोहन मालवीय जी सदैव अपने लक्ष्य के प्रति सजग रहते थे। उन्हेँ हमेशा सोच-विचार की स्थिति मे पाया जाता था। आयोजक आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय ने बताया– हरिमोहन मालवीय जी […]

श्री राम प्रताप सिंह : कमांडो से कलम के सिपाही तक

September 29, 2024 0

युद्ध हो, कोई सीक्रेट ऑपरेशन हो या दुर्दांत आतंकवादियों का सफाया करना हो; भारतीय सेना के कमांडो अत्यंत कम समय में मुश्किल कार्य करने में दक्ष होते हैं। श्री राम प्रताप सिंह सर थल सेना […]

सारस्वत हस्ताक्षर डॉ० विष्णु पंकज जी का शरीरान्त हुआ!

April 28, 2022 0

◆ आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय स्वनामधन्य डॉ० विष्णु पंकज जी का कर्तृत्व श्लाघनीय रहा है। वे जीवनपर्यन्त एक शिक्षक की भूमिका का सम्यक् निर्वहण करते रहे। वे सम्पादन-कला के शक्त हस्ताक्षर थे। डॉ० पंकज जी […]

ऐसे कर्मयोगी और हिन्दी पत्रकारिता के हस्ताक्षर को मेरा सलाम

May 31, 2021 0

शाश्वत तिवारी : जिस दौर की पत्रकारिता की प्रामाणिकता और विश्वसनीयता पर ढेरों सवाल हों, ऐसे समय में हेमन्त शर्मा की उपस्थिति हमें आश्वस्त करती है कि सारा कुछ खत्म नहीं हुआ है। सही मायने […]

मिलिए ‘हीरोज़ इग्नोटम’ की पहली प्रतिभा ‘अजितभा बोस’ से

March 20, 2021 0

अंजलि तिवारी : ● सफलता एक ऐसी लौ है जो आग मे भी छिपती नहीसफलता ऐसा पानी है जो बारिश मे भी खो जाता नही और सफलता के लिए दो चीज़े महत्त्वपूर्ण है ‘लगन और कड़ी […]

‘अटल सम्मान’ से सम्मानित हुए यूपी के जाने- माने पत्रकार, सहित्यकार और सामाजिक कार्यकर्त्ता

December 29, 2020 0

शाश्वत तिवारी : लखनऊ। भारतरत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती के उपलक्ष्य में सोमवार शाम सीएमएस गोमतीनगर के सभागार में कई पत्रकारों, साहित्यकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन लखनऊ […]

प्रतिष्ठित साहित्यकार कृष्णेश्वर डींगर मितभाषी और गम्भीर वक्ता थे

June 19, 2020 0

अपनी काव्यकृति ‘परिधि से केन्द्र तक’ की मनोरम यात्रा करानेवाले कृष्णेश्वर डींगर अपने साहित्यकार मित्रों और पाठकवर्ग को यात्रा कराते-कराते, आज की ही तिथि में चिरनिद्रा में लीन हो गये! प्रयागराज के विश्रुत सारस्वत हस्ताक्षर […]

रचनाकार डॉ.राजेश कुमार शर्मा पुरोहित ग्रीन आईडल अवार्ड से सम्मानित

April 28, 2020 0

भवानीमंडी:- विश्व पृथ्वी दिवस के अवसर पर आयोजित राष्ट्रीय स्तर पर प्रतियोगिता में सुपरिचित रचनाकार एवं सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल सूलिया के हिन्दी अध्यापक डॉ.राजेश कुमार शर्मा पुरोहित को सम्मान पत्र देकर सम्मानित किया गया। […]

कपड़े की फेरी करने वाले महेश ने साहित्य जगत में बनाई नई पहचान

December 28, 2019 0

राजेश पुरोहित, भवानीमंडी कहते हैं आसमान वे छूते हैं जिनमें हौसले होते हैं ऐसा ही कर दिखाया एक नौजवान साहित्य की सेवा में लगे हुए महेश राठौर सोनू ने, जो कि मध्य प्रदेश के रीवा […]

राघवेन्द्र कुमार त्रिपाठी ‘राघव’ के साथ साक्षात्कार :- मजबूत इरादों के शिवांकित खुले आसमान में उड़ने को हैं तैयार

June 20, 2019 0

राघवेन्द्र कुमार त्रिपाठी ‘राघव’ – उम्र भले ही छोटी है इनकी, मगर इरादे बहुत मजबूत हैं। ये है मध्यप्रदेश के सतना जिले के निवासी शिवांकित तिवारी ‘शिवा’ जिनको बचपन से कविताएं लिखने का शौक रहा है […]

व्यक्ति के गुणों का समुच्चय है व्यक्तित्व

May 16, 2019 0

राजेश कुमार शर्मा ‘पुरोहित’, शिक्षक/साहित्यकारभवानीमंडी, जिला झालावाड़, राजस्थान बाह्य व आंतरिक दोनों तत्वों का समावेश व्यक्तित्व में होता है। मार्टन प्रिंस ने कहा था कि व्यक्तित्व व्यक्ति की समस्त जैविक जन्मजात विन्यास उद्देग रुझान क्षुधाएँ […]

विश्व के 66 रचनाकारों द्वारा लिखा गया उपन्यास “खट्टे मीठे रिश्ते” 

September 18, 2018 0

इस अनूठे उपन्यास को विश्व के 66 रचनाकारों द्धारा लिखा गया है ! प्रो.सरन घई ने अपने वक्तव्य में कहा की रिश्ते मेरे लिए कोतुहाल का विषय रहे हैं ,परिवारों में रिश्तेदारों को एक दुसरे के […]

वयोवृद्ध कवि-साहित्यकार डॉ० सुरेश चन्द्र श्रीवास्तव नहीं रहे

July 21, 2018 0

नगर के प्रतिष्ठित कवि और साहित्यकार डॉ० सुरेश चन्द्र श्रीवास्तव का २० जुलाई, २०१८ ईसवी को उनके कटरा-स्थित निवास में निधन हो गया था। ८० वर्षीय वयोवृद्ध श्री श्रीवास्तव पत्नी, एक पुत्र , तीन पुत्रियाँ […]

अलविदा, चिरयुवा साथी दूधनाथ सिंह!

January 12, 2018 0

साभार – जनवादी लेखक संघ भारत ‘आख़िरी क़लाम’ जैसे अविस्मरणीय महाकाव्यात्मक उपन्यास और ‘रक्तपात’, ‘रीछ’, ‘धर्मक्षेत्रे कुरुक्षेत्रे’, ‘माई का शोकगीत’ जैसी लम्बे समय तक चर्चा में बनी रहने वाली कहानियों के लेखक, जनवादी लेखक संघ […]