रंग दिखाती है कुर्सी

July 8, 2023 0

● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय मस्त तराने गा-गा झूमे, कहनी कहती कुर्सी है, नाच-नचाती दुनिया को है, धुन मे रहती कुर्सी है। भाव उसका हरदम ऊपर, क्रय-विक्रय का खेल यहाँ, जेब दिखा हो जिसका भारी, […]