आत्मसंवाद के क्षण

June 18, 2023 0

● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय मेरा-जैसा मनुष्य कभी इतना उदारवादी हो जाता है कि अब तक के जीवनकालखण्ड मे जितना कुछ सार्थक बोध कर पाया है, वह सब लुटाता जा रहा है; बिना विचार किये― […]