स्वदेश में विकसित हल्के लड़ाकू विमान तेजस ने आकाश से आकाश में दृष्टि क्षेत्र से बाहर के ठिकाने पर मिसाइल से अचूक निशाना लगाया। तेजस ने एक कारगर लड़ाकू विमान के रूप में अपनी क्षमता साबित कर दी है। इस महत्वपूर्ण सफलता के बाद इस विमान को अंतिम रूप से सेना को सौंपे जाने का रास्ता साफ हो गया है। रक्षा मंत्रालय ने एक विज्ञप्ति में कहा है कि तेजस विमान से मिसाइल दागे जाने का परीक्षण कल गोवा तट के पास किया गया जिसमें विमान ने लड़ाकू विमानों के संचालन संबंधी अधिकतर मानदंडों को पूरा किया। रक्षा विशेषज्ञ अजय बनर्जी ने बताया कि तेजस विमान के वायु सेना में शामिल होने से सेना ताकत बढ़ जाएगी।
तेजस की जो आज क्षमता एक बतायी गई है बेयोंड विजुअल रेंज मिसाइल फायर की तेजस विमान ने, उस क्षमता से तेजस अब एक जिसे कहते हैं हमारे वायु सेना के अंदर एक लड़ाकू क्लियरेंस उसे कहते हैं। फाइनल ऑपरेशन क्लियरेंस कहा जाता है। अभी चालीस तेजस विमान हम तैयार कर रहे हैं। 83 तेजस विमान और तैयार होने हैं। दो दिन पहले एयर चीफ मार्शल बी. एस. धनुआ साहब ने बताया था कि तेजस हमारे फ्यूचर का विमान होगा। रक्षा मंत्री निर्मला सीतारामन ने तेजस को विश्व स्तरीय विमान के रूप में विकसित करने के लिए रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन तथा अन्य एजेंसियों को शुभकामनाएं दी हैं।