टड़ियावां पुलिस नहीं सुन रही है पीड़ितों की फरियाद !

-न्यायालय के आदेश पर टड़ियावां थानें मे दर्ज हुये तीन अलग-अगल मुकदमें
-सूबे के पुलिस मुखिया करें लाख दावें,थानों में पीड़ितों के साथ पुलिस का नही है मित्र का व्यवहार 
-हरदोई पुलिस की कार्यशैली देखकर पुलिस मुखिया के दावों की खुल रही है पोल


              सूबे के पुलिस मुखिया लाख दावें करें कि थानों में पीड़ितों के साथ पुलिस मित्र का व्यवहार कर उनकी फरियाद सुनकर त्वरित कार्यवाही कर रही है लेकिन हरदोई पुलिस की कार्यशैली देखकर पुलिस मुखिया के दावों की पोल खुल रही है।टड़ियावां क्षेत्र में जब पीड़ितों की सुनवायी थाने में नही हुयी तो उन्होनें न्यायालय की शरण ली और न्यायालय के आदेश के बाद  पुलिस नें मजबूरन मुकदमा दर्ज किया।
             थाना क्षेत्र के गाँव गुरसंडा निवासी आरती सिंह पत्नी वीरेन्द्र सिंह नें पुलिस पर कार्यवाही नही करने का आरोप लगाकर न्यायालय में वाद दायर किया था। उन्होंने न्यायालय से शिववीर पुत्र चन्द्रशेखर निवासी गुरसंडा एवं राजकुमार चैरसिया पुत्र अज्ञात निवासी कुतुबपुर हसनगंज लखनऊ पर 3 अप्रैल को घर मे घुसकर मारपीट करने का आरोप लगाकर मुकदमा दर्ज करने की मांग की थी जिस पर न्यायालय द्वारा आरोपियों के विरुद्ध अभियोग दर्ज करने का आदेश पारित किया गया है।
        क्षेत्र के ग्राम सरखना निवासी राजेन्द्र सिंह पुत्र आत्माराम ने छोटेलाल पुत्र पूरन, पप्पू पुत्र छोटेलाल निवासी सरखना पर अपनी बेटी पूजा को आए दिन मारने पीटने व प्रताड़ित करने का आरोप लगाया था। राजेन्द्र ने न्यायालय को बताया कि प्रताड़ना के बाद 17 मई 2011 को उसकी बेटी नें आत्महत्या कर ली थी लेकिन पुलिस द्वारा कोई कार्यवाही नही की गयी। न्यायालय द्वारा आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने के लिए पुलिस को आदेशित किया गया है।
        थाना क्षेत्र के ग्राम जिगिनियाँ निवासी पीड़ित सुनील कुमार पुत्र राम प्रकाश का आरोप है कि गाँव निवासी विनय, संजय, राजू पुत्रगण हरिनारायण तिवारी 30 अप्रैल 2017 को आरोपियों द्वारा पेड़ काटने की बात को लेकर गाली गलौज करना मना करने पर लाठी डंडों से मारपीट कर घायल कर दिया जिसकी शिकायत पीड़ित द्वारा थाने पर की गई किन्तु पुलिस द्वारा कोई कार्यवाही न करने से क्षुब्ध पीड़ित ने न्यायालय की शरण ली। घटना का अवलोकन करने के उपरांत न्यायालय द्वारा मुकदमा दर्ज करने का आदेश किया गया।जिसके अनुपालन में अंततः पुलिस ने तीनों घटनाओ में आरोपियों के विरुद्ध अभियोग दर्ज कर कार्यवाही शुरू की।