प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज उत्तर प्रदेश में बागपत में देश के पहले स्मार्ट और हरित राजमार्ग ईस्टर्न पेरीफरल एक्सप्रेस-वे का उदघाटन करेंगे। प्रधानमंत्री, निजामुद्दीन पुल और दिल्ली-यू०पी० बार्डर के बीच बनकर तैयार दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे के पहले चरण को भी राष्ट्र को समर्पित करेंगे। श्री नरेंद्र मोदी नौ किलोमीटर लम्बे अपने रोड-शो के हिस्से के तौर पर इस एक्सप्रेस-वे पर लगभग छह किलोमीटर तक की यात्रा करेंगे।
11 हजार करोड़ की लागत से बनी यह एक्सप्रेसवे हरियाणा के कुंडली से शुरू होकर बागपत, गाजियाबाद, ग्रेटर नोएडा होते हुए पलवल को जोड़ेगा। छह लेन का 135 किलोमीटर लम्बा यह एक्सप्रेस-वे पर्यावरण अनुकूल और विश्व स्तरीय सुरक्षा विशेषताओं वाला है। यह एक्सप्रेस-वे 910 दिन की निर्धारित समय सीमा के मुकाबले लगभग 500 दिन के रिकार्ड समय में बनकर तैयार हुआ। यह देश को पहला एक्सप्रेसवे है जहां पूरे मार्ग पर लाइट के लिए सौर ऊर्जा का उपयोग किया गया है। इस मार्ग पर चलने वाले वाहनों से केवल तय की गई दूरी के आधार पर ही टोल लिये जाएंगे। इस सड़क मार्ग पर वाहनों की अधिकतम रफ्तार 120 कि.मी. प्रतिघंटा रखी गई है। इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने से दिल्ली के अंदर वाहनों का दबाव घटेगा और लगभग 27 प्रतिशत प्रदूषण में कमी आने का अनुमान है। इसके शुरू होने से कुंडली से पलवल की दूरी जो फिलहाल चार घंटे का समय लेती है वह घटकर 72 मिनट के करीब हो जाएगी।